
Last updated: July 13th, 2026 at 04:30 pm
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बीते एक महीने में 1.76 लाख से अधिक यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इन मामलों में रेलवे ने करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूलकर अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया। तीनों रेल मंडलों में सबसे अधिक मामले जबलपुर मंडल में दर्ज किए गए हैं, जो रेलवे अधिकारियों के लिए भी चिंता का विषय बने हुए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों में लगातार टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री जबलपुर मंडल में पकड़े गए। हालांकि रेलवे ने जबलपुर मंडल के मामलों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह मंडल कार्रवाई और राजस्व दोनों के मामले में सबसे आगे रहा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिना टिकट यात्रा रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, इसलिए ऐसे यात्रियों के खिलाफ नियमित रूप से सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, भोपाल मंडल में करीब 56 हजार यात्रियों पर बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने के मामले में कार्रवाई की गई। इन मामलों से रेलवे को 4 करोड़ 22 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं कोटा मंडल में 31 हजार 600 मामलों में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने 2 करोड़ 86 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। इन दोनों मंडलों के आंकड़े बताते हैं कि बिना टिकट यात्रा की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, टिकट जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। रेलवे समय-समय पर प्रमुख स्टेशनों, एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों और उपनगरीय सेवाओं में विशेष जांच अभियान चलाता है, ताकि बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रेलवे का मानना है कि नियमित जांच से न केवल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि ईमानदारी से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के हितों की भी रक्षा होती है।
पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट या गलत श्रेणी के टिकट पर यात्रा करते पाए जाने पर रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी टिकट जांच अभियान और अधिक सख्ती से जारी रहेगा। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले रूटों और प्रमुख स्टेशनों पर जांच बढ़ाई जाएगी, ताकि बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और रेलवे के राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
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