
मानसून की दस्तक के साथ ही जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। लगातार हो रही बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने धुआंधार जलप्रपात के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और बोटिंग गतिविधियों पर रोक जारी रखी है। पुलिस लगातार पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की समझाइश दे रही है।
हर साल मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक धुआंधार जलप्रपात का नजारा देखने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
भेड़ाघाट में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर वर्ष की तरह इस बार भी 15 जून से धुआंधार जलप्रपात के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और नर्मदा नदी में बोटिंग पर रोक लागू कर दी गई है।
लगातार बारिश के कारण नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही संगमरमर की चट्टानों पर फिसलन भी बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी वजह से प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भेड़ाघाट और धुआंधार क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीम ‘रोको-टोको’ अभियान चलाकर प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को रोक रही है।
इसके साथ ही पर्यटकों को नर्मदा नदी के किनारे, फिसलन वाली चट्टानों और प्रतिबंधित इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। पुलिस लगातार मौके पर मौजूद रहकर लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है।
भेड़ाघाट थाना प्रभारी कमलेश चौरे ने बताया कि मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लाउडस्पीकर और मुनादी के माध्यम से भी पर्यटकों को चेतावनी दी जा रही है। साथ ही पुलिसकर्मी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहकर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
बारिश के मौसम में धुआंधार जलप्रपात का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। हालांकि इसी दौरान नर्मदा नदी का तेज बहाव और फिसलन भरी चट्टानें सबसे बड़ा खतरा बन जाती हैं।
प्रशासन का कहना है कि सेल्फी या रोमांच के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाना जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है।
जिला प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
यदि पर्यटक सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे तो मानसून के दौरान भी भेड़ाघाट की यात्रा सुरक्षित और यादगार बन सकती है।
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