होमjabalpurरील, फर्जी लिंक और मैसेज के जाल में फंसे तीन लोग, जबलपुर में 7.56 लाख रुपये की साइबर ठगी

रील, फर्जी लिंक और मैसेज के जाल में फंसे तीन लोग, जबलपुर में 7.56 लाख रुपये की साइबर ठगी

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जबलपुर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस बार शहर के तीन
Reel और Fake Link से ₹7.56 लाख की Cyber Fraud, 3 लोग शिकार

जबलपुर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस बार शहर के तीन अलग-अलग लोगों से रील, फर्जी लिंक और भ्रामक संदेशों के जरिए कुल 7 लाख 56 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई। तीनों पीड़ितों ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान लिंक और ऐप डाउनलोड करने से बचने की अपील की है।

रील देखते-देखते मोबाइल हुआ हैक

एक पीड़ित अपने मोबाइल पर सोशल मीडिया रील देख रहा था। इसी दौरान उसे एक आकर्षक लिंक दिखाई दिया, जिस पर क्लिक करने के बाद उसने एक मोबाइल एप डाउनलोड कर लिया। एप इंस्टॉल होते ही साइबर ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रकम निकाल ली गई। खाते से पैसे कटने के मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का पता चला।

फर्जी लिंक और संदेशों से दो अन्य लोग बने शिकार

अन्य दो मामलों में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके अपनाए। एक व्यक्ति को फर्जी मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा गया, जबकि दूसरे को एक आकर्षक ऑफर के बहाने संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही ठगों ने बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल कर ली और कुछ ही समय में खातों से लाखों रुपये निकाल लिए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और नकली एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में ले रहे हैं।

तीन मामलों में 7.56 लाख रुपये का नुकसान

तीनों पीड़ितों को मिलाकर कुल 7 लाख 56 हजार रुपये की आर्थिक चपत लगी है। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और आरोपियों का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच

साइबर पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की तकनीकी जांच की जा रही है। संबंधित बैंकों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि ट्रांजैक्शन को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंचा जा सके। साथ ही, यदि संभव हुआ तो ठगी गई राशि को होल्ड या रिकवर कराने का भी प्रयास किया जाएगा।

साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

जबलपुर साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप, क्यूआर कोड या सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध विज्ञापन पर क्लिक न करें। किसी भी एप को केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और मोबाइल में अनावश्यक परमिशन देने से बचें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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