होमjabalpurकिसानों के लिए राहत: जिले में 31,889 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण, अभी भी 30,290 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध

किसानों के लिए राहत: जिले में 31,889 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण, अभी भी 30,290 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध

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खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा
Kharif Season में किसानों को राहत, 30 हजार MT खाद उपलब्ध

खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। 1 अप्रैल से 11 जुलाई 2026 तक किसानों को 31 हजार 889 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है। इसके बावजूद जिले में अभी भी 30 हजार 290 मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जिले में कितना उर्वरक उपलब्ध?

कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में कुल 30,290 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इसमें शामिल हैं:

  • यूरिया: 13,465 मीट्रिक टन
  • डीएपी: 1,436 मीट्रिक टन
  • एमओपी: 1,496 मीट्रिक टन
  • एनपीके: 4,943 मीट्रिक टन
  • एसएसपी: 8,950 मीट्रिक टन

किसानों को अब तक कितना उर्वरक मिला?

उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे के अनुसार, 1 अप्रैल से 11 जुलाई तक किसानों को विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का वितरण किया गया। इनमें:

  • यूरिया: 17,547 मीट्रिक टन
  • डीएपी: 2,921 मीट्रिक टन
  • एमओपी: 269 मीट्रिक टन
  • एनपीके: 5,645 मीट्रिक टन
  • एसएसपी: 5,507 मीट्रिक टन

लगातार पहुंच रही उर्वरक की नई रैक

कृषि विभाग ने बताया कि जिले में उर्वरक की नई रैक लगातार पहुंच रही हैं। इसी कारण पर्याप्त वितरण के बाद भी खाद का पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है। विभाग का दावा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों की मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा और किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

किसानों से की गई अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं और सहकारी समितियों से ही उर्वरक खरीदें। यदि कहीं कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमत वसूली जाती है या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के कारण किसानों को घबराने या जरूरत से ज्यादा उर्वरक खरीदकर भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। विभाग पूरे खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक की उपलब्धता और वितरण पर लगातार निगरानी बनाए हुए है

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