
देशभर में NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच जबलपुर में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन करते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के बंगले के बाहर खून से लिखे पोस्टर चिपकाए और परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर अपना आक्रोश जताया।
एनएसयूआई का कहना है कि पेपर लीक जैसी गंभीर लापरवाही के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि छात्रों की महीनों की मेहनत और अभिभावकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
हाल ही में आयोजित NEET परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया।
परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। जबलपुर में भी इसी मुद्दे को लेकर माहौल गर्माया हुआ है।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए खून से लिखे पोस्टर तैयार किए और उन्हें मंत्री राकेश सिंह के बंगले के बाहर चिपकाया। प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि:
संगठन ने कहा कि इतनी बड़ी परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था की विफलता बेहद गंभीर मामला है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि:
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद कई शहरों में छात्र संगठनों और अभिभावकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी छात्रों का गुस्सा लगातार सामने आ रहा है। कई छात्र इस फैसले से मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन परीक्षाओं से लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा होता है।
जबलपुर में एनएसयूआई का यह विरोध प्रदर्शन अब चर्चा का विषय बन गया है।
खून से लिखे पोस्टरों के जरिए संगठन ने सरकार तक छात्रों की नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और छात्रों को राहत देने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।
अपनी खबर हमें भेजें – हम उसे दुनिया तक पहुँचाएंगे।
© 2026 Jabalpur Breaking. All rights reserve
No Comments