
Last updated: June 2nd, 2026 at 11:48 am
जबलपुर के बहुचर्चित बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के दौरान एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। जनसेवक अखिलेश त्रिपाठी ने जांच आयोग के समक्ष विस्तृत याचिका प्रस्तुत कर हादसे से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। याचिका में दुर्घटना के कारणों से लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं, प्रशासनिक जिम्मेदारी और संभावित साक्ष्य छेड़छाड़ तक की व्यापक जांच की मांग की गई है।
30 अप्रैल 2026 को बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद से ही विभिन्न स्तरों पर जांच की मांग उठती रही है। अब न्यायिक जांच प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत इस याचिका ने कई नए प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिन पर आयोग का ध्यान आकर्षित किया गया है।
अखिलेश त्रिपाठी ने अपनी याचिका में सबसे महत्वपूर्ण सवाल क्रूज पोत की स्थिति को लेकर उठाया है। उन्होंने आयोग से पूछा है कि क्या दुर्घटना के बाद संबंधित क्रूज पोत को तोड़ा गया था और उसका इंजन हटाया गया था।
यदि ऐसा किया गया, तो यह कार्रवाई किसके आदेश पर की गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और किस कानूनी अधिकार के तहत यह कदम उठाया गया। याचिका में यह भी मांग की गई है कि इस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच की जाए।
याचिका में यह आशंका भी जताई गई है कि यदि हादसे के बाद क्रूज पोत के हिस्सों को हटाया गया या उसमें बदलाव किया गया, तो इससे दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
अखिलेश त्रिपाठी ने आयोग से अनुरोध किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं इस प्रक्रिया के दौरान जांच को प्रभावित करने वाले साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ तो नहीं हुई। यह पहलू न्यायिक जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि किसी भी दुर्घटना की वास्तविक वजह तक पहुंचने में मूल साक्ष्यों की अहम भूमिका होती है।
याचिका में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पूर्व में जारी किए गए सुरक्षा संबंधी निर्देशों और चेतावनियों का भी उल्लेख किया गया है।
त्रिपाठी ने आयोग से आग्रह किया है कि यह जांच की जाए कि बरगी बांध या मध्यप्रदेश के अन्य जलाशयों में नौका और क्रूज संचालन के संबंध में यदि एनजीटी ने कोई दिशा-निर्देश जारी किए थे, तो उनका पालन संबंधित विभागों, एजेंसियों और संचालकों द्वारा किया गया था या नहीं।
याचिका में केवल दुर्घटना के तकनीकी कारणों की जांच ही नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है।
इसमें यह जानने का आग्रह किया गया है कि हादसे से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था और निगरानी के लिए जिम्मेदार विभागों ने अपनी भूमिका का निर्वहन किया था या नहीं।
याचिका में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं की जांच की मांग की गई है—
बरगी क्रूज हादसे को लेकर पहले से चल रही न्यायिक जांच के बीच अखिलेश त्रिपाठी की याचिका ने मामले को नया आयाम दे दिया है। याचिका में उठाए गए सवालों के जवाब और आयोग की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे क्या कारण थे और सुरक्षा मानकों के पालन में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
फिलहाल, आयोग के समक्ष प्रस्तुत इन बिंदुओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर अब जांच की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
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