होमट्रेंडिंगअधिवक्ता कविता नागार्जुन मौत मामला, सुनवाई टली; पिता ने उठाई CBI जांच की मांग

अधिवक्ता कविता नागार्जुन मौत मामला, सुनवाई टली; पिता ने उठाई CBI जांच की मांग

-
जबलपुर में अधिवक्ता कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सेना के मेजर एवं
Kavita Nagarjun मौत मामला: सुनवाई टली, अब 22 जून को होगी Hearing

जबलपुर में अधिवक्ता कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सेना के मेजर एवं चिकित्सक डॉ. ओम नागार्जुन की पत्नी कविता नागार्जुन की मौत से जुड़े मामले में दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर बुधवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन संबंधित न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है।

यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और पीड़ित पक्ष द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है।

पिता ने मौत को बताया दहेज हत्या, CBI जांच की मांग

मृतका के पिता पी. दक्षिणामूर्ति ने एक बार फिर अपनी बेटी की मौत को दहेज हत्या करार देते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह एक हाई-प्रोफाइल मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ही कर सकती है।

दक्षिणामूर्ति ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की तैयारी की है, जिसमें मामले में हस्तक्षेप और सीबीआई जांच की मांग की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठाए सवाल

पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को कभी कोई हृदय रोग नहीं था, इसके बावजूद मौत को हार्ट अटैक बताने का प्रयास किया गया।

उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि कविता नागार्जुन के सिर के आगे और पीछे गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। उनके अनुसार रिपोर्ट में सबड्यूरल हेमेटोमा (Subdural Hematoma) और रक्तस्राव का भी उल्लेख है, जो गंभीर चोट की ओर संकेत करता है।

हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों या न्यायालय द्वारा अभी नहीं की गई है।

अस्पताल पहुंचाने में देरी पर भी उठे सवाल

दक्षिणामूर्ति ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटनास्थल से सैन्य अस्पताल की दूरी लगभग पांच मिनट थी। इसके बावजूद उनकी बेटी को अस्पताल पहुंचाने में करीब ढाई घंटे का समय लगना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि स्वयं चिकित्सक होने के बावजूद इतनी देरी क्यों हुई, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मामले पर टिकीं सबकी निगाहें

कविता नागार्जुन की मौत को लेकर कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। एक ओर पीड़ित परिवार दहेज हत्या और साजिश की आशंका जता रहा है, वहीं मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

अब सभी की निगाहें 22 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां मामले में आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।

जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी

फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में जांच एजेंसियों, न्यायालय और संबंधित पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

अधिवक्ता कविता नागार्जुन मौत मामला, सुनवाई टली; पिता ने उठाई CBI जांच की मांग

जबलपुर में अधिवक्ता कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में

इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरते समय बड़ा हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा यात्री का पैर

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरते

No Comments