
Last updated: June 3rd, 2026 at 12:48 pm
जबलपुर में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जहां ठगों ने लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए। एक मामले में साइबर अपराधियों ने एपीके (APK) फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक कर लिया, जबकि दूसरे मामले में बैंक खाते से तीन लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के हिनौतिया निवासी गिरीराज सिंह ठाकुर साइबर ठगी का शिकार हो गए। जानकारी के अनुसार उनका फ्रिज खराब हो गया था, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि शिकायत संबंधित कंपनी तक पहुंचने के बजाय साइबर ठगों के हाथ लग गई। कुछ समय बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और बताया कि व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करने से कंपनी के इंजीनियर को घर की लोकेशन मिल जाएगी।
गिरीराज सिंह ने भरोसा कर एपीके फाइल डाउनलोड कर ली। फाइल इंस्टॉल होते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।
शिकायत के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये और उनकी पत्नी के खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए। इस तरह कुल 1.90 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
दूसरा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पचपेढ़ी इलाके से सामने आया है।
यहां रहने वाले शोभाराम मेहरा के बैंक खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने 3 लाख 2 हजार 6 रुपये निकाल लिए। फिलहाल ठगी की प्रक्रिया और तरीका जांच का विषय बना हुआ है।
दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस और साइबर सेल की टीम बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल डाउनलोड नहीं करनी चाहिए।
जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग अब तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में ले रहे हैं।
ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।
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