
Last updated: June 1st, 2026 at 12:09 pm
जबलपुर के बरगी बांध में हुए चर्चित क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के दौरान एक नया पहलू सामने आया है। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे स्थानीय निवासी नीरज मिश्रा ने जांच आयोग के समक्ष राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
नीरज मिश्रा ने न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी को विस्तृत शिकायत के साथ वीडियो साक्ष्य भी सौंपे हैं। उनका दावा है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस में केवल चालक मौजूद था, जबकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार दुर्घटना के बाद पानी से बाहर निकाले गए कई लोग गंभीर स्थिति में थे। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट और जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पर्याप्त चिकित्सा संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को मौके पर तत्काल मदद नहीं मिल सकी। नीरज मिश्रा का कहना है कि एम्बुलेंस चालक ने भी मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति की जानकारी दी थी।
जांच आयोग को दिए गए बयान में नीरज मिश्रा ने कहा है कि हादसे के शुरुआती समय में यदि प्रशिक्षित चिकित्सा दल मौके पर मौजूद होता और आवश्यक उपचार समय पर उपलब्ध कराया जाता, तो कुछ पीड़ितों की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने इस दावे के समर्थन में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। अब आयोग इन तथ्यों की जांच कर रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल को बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में पर्यटन के लिए संचालित एक क्रूज अचानक जलमग्न हो गया था। उस समय क्रूज में कुल 41 लोग सवार थे।
इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। घटना के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्थाओं और जल पर्यटन संचालन को लेकर सवाल उठे थे।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन किया गया है। जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में गठित आयोग हादसे के कारणों, जिम्मेदारियों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर रहा है।
अब प्रत्यक्षदर्शी द्वारा प्रस्तुत नए तथ्यों और वीडियो साक्ष्यों के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। आयोग यह भी परख सकता है कि दुर्घटना के बाद राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
बरगी क्रूज हादसा मध्यप्रदेश के सबसे चर्चित जल दुर्घटना मामलों में शामिल हो चुका है। 13 लोगों की जान जाने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठती रही है।
अब प्रत्यक्षदर्शी द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद लोगों की नजर न्यायिक जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि हादसे के दौरान राहत, बचाव और चिकित्सा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम आवश्यक हैं।
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