
Last updated: May 29th, 2026 at 05:09 pm
जबलपुर के तिलवारा घाट पर इन दिनों भीषण गर्मी के बीच एक अनोखी आध्यात्मिक साधना लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जहां शहर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है और लोग दोपहर में घरों से निकलने से बच रहे हैं, वहीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी साक्षी और साध्वी पूजा आग के घेरे के बीच हठयोग और अग्नि साधना कर रही हैं।
तिलवारा घाट स्थित काली मंदिर के पास दोनों साध्वियां पिछले तीन दिनों से अग्नि तपस्या में लीन हैं। साध्वियों ने अपने चारों ओर गोबर के उपले और लकड़ियों की धूनी जला रखी है और उसी अग्नि के बीच बैठकर साधना कर रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक भीषण गर्मी में कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन साध्वियां घंटों तक तपती धूप और आग की लपटों के बीच ध्यान कर रही हैं। यह दृश्य देखने वालों को हैरान कर रहा है।
महामंडलेश्वर साध्वी साक्षी का कहना है कि उनकी यह तपस्या हिंदू धर्म और गौमाता की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि साधना और तपस्या सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसी भावना के साथ वे यह कठिन हठयोग कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह अग्नि तपस्या लगातार पांच दिनों तक चलेगी। दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान साध्वियां दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आग की लपटों के बीच बैठकर ध्यान करती हैं।
इस अनोखी साधना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग तिलवारा घाट पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु और स्थानीय लोग साध्वियों की तपस्या को आध्यात्मिक शक्ति और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी अग्नि साधना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।
नौतपा और तेज गर्मी के बीच हो रही यह अग्नि साधना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां आम लोग लू और गर्म हवाओं से परेशान हैं, वहीं साध्वियों की यह कठिन तपस्या लोगों को हैरान करने के साथ-साथ आध्यात्मिक संदेश भी दे रही है।
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