
जबलपुर में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। शहर का तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है और पूरे शहर में लू का प्रचंड असर देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमार पड़ने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में भी रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी उन परिजनों को हो रही है, जिनके मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के बाहर लोग भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर कई परिवार पेड़ों की छांव में बैठे नजर आते हैं। कुछ लोगों ने जमीन पर चादर बिछा रखी है, तो कुछ खुले आसमान के नीचे ही दिन-रात गुजार रहे हैं।
गर्मी इतनी ज्यादा है कि दोपहर के समय सड़कें तक तपने लगती हैं, लेकिन मरीजों के परिजनों के पास इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। कई लोग सुबह से देर रात तक अस्पताल के बाहर ही अपने मरीजों की खबर का इंतजार करते दिखाई देते हैं।
अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के ऑपरेशन होने हैं। ऐसे में उनके परिजन कई दिनों से मेडिकल कॉलेज परिसर के आसपास ही डटे हुए हैं।
तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर आए परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि दिन में धूप इतनी तेज रहती है कि बाहर बैठना मुश्किल हो जाता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें वहीं रुकना पड़ता है।
शहर में नौतपा शुरू होने के बाद गर्मी का असर और ज्यादा बढ़ गया है। मौसम विभाग पहले ही आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जता चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि:
डॉक्टरों के मुताबिक लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों के बाहर इंतजार कर रहे लोगों की स्थिति अब चिंता का विषय बनती जा रही है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मौसम में मरीजों के परिजनों के लिए छांव, ठंडे पानी और बैठने की बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए।
फिलहाल शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं।
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