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जबलपुर में दूषित पानी का बड़ा खतरा, 50 साल पुराने खुले टैंक से 5 हजार घरों में सप्लाई

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जबलपुर के कांचघर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूषित पानी को लेकर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इलाके में करीब
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जबलपुर के कांचघर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूषित पानी को लेकर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इलाके में करीब 50 साल पुराने खुले पानी के टैंक से लगभग 5 हजार घरों में जल सप्लाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने संक्रमण और महामारी फैलने की आशंका जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

गर्मी के मौसम में खुले टैंक से सप्लाई होने वाले पानी को लेकर लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही हैं। रहवासियों का कहना है कि टैंक की हालत बेहद खराब है और लंबे समय से इसकी सफाई व मरम्मत नहीं हुई है।

खुले टैंक में गंदगी, संक्रमण का खतरा

स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी के टैंक का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह खुला हुआ है, जिससे धूल, कचरा और अन्य गंदगी सीधे पानी में मिल रही है। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया।

लोगों का कहना है कि:

  • टैंक काफी पुराना और जर्जर हो चुका है
  • पानी में बदबू और गंदगी की शिकायतें बढ़ रही हैं
  • मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बना हुआ है
  • बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है

इसी वजह से क्षेत्र के लोग लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

करीब 5 हजार परिवार प्रभावित

बताया जा रहा है कि इस टैंक से आसपास की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में पानी की सप्लाई होती है। अनुमानित तौर पर करीब 5 हजार घरों तक यही पानी पहुंच रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने साफ पानी उपलब्ध कराने और नए टैंक निर्माण की मांग भी उठाई है।

प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

इलाके के लोगों ने प्रशासन और जल विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। रहवासियों का कहना है कि इतने पुराने टैंक से लगातार पानी सप्लाई करना लोगों की सेहत के साथ बड़ा जोखिम है।

कई लोगों ने यह भी कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले टैंक की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है, क्योंकि बारिश के दौरान संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं बड़ा जोखिम

विशेषज्ञों के मुताबिक खुले और पुराने जल टैंक में बैक्टीरिया, फंगस और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, स्किन इंफेक्शन और अन्य जलजनित बीमारियां फैल सकती हैं।

इसी कारण लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

रहवासियों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • टैंक की तत्काल सफाई कराई जाए
  • खुले हिस्से को पूरी तरह ढका जाए
  • पानी की गुणवत्ता की जांच हो
  • नई जल संरचना बनाई जाए
  • नियमित मॉनिटरिंग शुरू की जाए

लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।

अब प्रशासन क्या कदम उठाएगा?

फिलहाल इस मुद्दे को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। रहवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करेगा। आने वाले दिनों में जल विभाग की ओर से जांच या सुधार कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

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