होमट्रेंडिंगआश्रम के लिए जमीन दिलाने के नाम पर साध्वी से 20 लाख की ठगी, आरोपी फरार

आश्रम के लिए जमीन दिलाने के नाम पर साध्वी से 20 लाख की ठगी, आरोपी फरार

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जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आश्रम निर्माण के लिए जमीन दिलाने का झांसा देकर एक साध्वी से 20 लाख
जमीन दिलाने के नाम पर साध्वी से 20 लाख ठगी, आरोपी फरार

जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आश्रम निर्माण के लिए जमीन दिलाने का झांसा देकर एक साध्वी से 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी परविंदर गुजराल उर्फ मोंटी गुजराल फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने खुद को प्रभावशाली प्रॉपर्टी डीलर बताकर भरोसा जीता और फिर लाखों रुपए की ठगी कर ली।

आश्रम के लिए जमीन खरीदना चाहती थीं साध्वी

पुलिस के अनुसार साध्वी आत्म निष्ठा उर्फ लता सिंह ठाकुर (50), निवासी मन्नूलाल अस्पताल के पास कोतवाली ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले उनकी पहचान परविंदर गुजराल उर्फ मोंटी गुजराल से हुई थी।

आरोपी नियमित रूप से गौमुख आश्रम आता-जाता था। इसी दौरान उसने खुद को राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच वाला प्रॉपर्टी डीलर बताया। आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए साध्वी ने आश्रम निर्माण के लिए जमीन तलाशने की बात कही।

बरेला बायपास की जमीन दिखाकर तय किया सौदा

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने बरेला बायपास क्षेत्र में 2 से 3 एकड़ जमीन दिखाई और उसे अपनी संपत्ति बताया। उसने 10 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से कुल 30 लाख रुपए में जमीन बेचने की बात तय की।

साध्वी के अनुसार सौदे के तहत 20 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे, जबकि बाकी 10 लाख रुपए रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी।

 

गूगल पे और नकद दोनों तरीके से लिए पैसे

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने विश्वास का फायदा उठाकर अलग-अलग तरीकों से पैसे लिए। शिकायत के अनुसार करीब 11 लाख 60 हजार रुपए गूगल पे के जरिए आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए।

इसके अलावा बाकी रकम आरोपी ने आश्रम पहुंचकर नकद ली। साध्वी ने पुलिस को बताया कि जमीन खरीदने के लिए उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर रकम जुटाई थी।

दस्तावेज मांगने पर शुरू हुई टालमटोल

साध्वी के अनुसार आरोपी लगातार दो महीने में रजिस्ट्री कराने का आश्वासन देता रहा। बाद में वह और पैसों की मांग करने लगा। जब जमीन के दस्तावेज मांगे गए तो आरोपी बहाने बनाने लगा।

मामले की जांच कराने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिस जमीन को आरोपी अपनी बता रहा था, वह किसी दूसरे किसान की निकली। किसान ने भी साफ कर दिया कि वह मोंटी गुजराल नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता।

पैसे मांगने पर आरोपी हुआ फरार

पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। बाद में उसने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं और बदले में परिचितों के गन लाइसेंस बनवा देगा।

इसके बाद आरोपी फरार हो गया और उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी परविंदर गुजराल उर्फ मोंटी गुजराल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। आर्थिक लेनदेन और बैंक रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।

अब क्या होगा?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी पर धोखाधड़ी और विश्वासघात के गंभीर आरोप तय हो सकते हैं।

इस घटना के बाद लोगों को बिना दस्तावेज जांचे किसी भी प्रॉपर्टी डील से बचने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन खरीदने से पहले स्वामित्व और रिकॉर्ड की जांच बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

जबलपुर में सामने आया यह मामला एक बार फिर प्रॉपर्टी फ्रॉड और भरोसे के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों की तरफ इशारा करता है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल पीड़िता को लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।

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