
Last updated: May 19th, 2026 at 05:55 pm
मध्यप्रदेश में 20 मई बुधवार को मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल रहेगी। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बंद का आह्वान किया है। इसका असर जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।
जबलपुर जिले में करीब 1100 से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। जिले के रिटेल और थोक दवा व्यवसायियों ने भी इस बंद का समर्थन किया है। ऐसे में आम लोगों को दवाओं की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी तक कोई मजबूत और पारदर्शी सिस्टम नहीं है। यही वजह है कि संगठन लंबे समय से इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है।
एसोसिएशन का मानना है कि बिना पर्याप्त नियंत्रण के ऑनलाइन दवा वितरण लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य अशोक माखीजा ने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी और गलत दवाओं के वितरण की आशंका बढ़ रही है। इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि दवा जैसी संवेदनशील चीजों की बिक्री में सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। यदि सही व्यवस्था नहीं रही तो इसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
दवा व्यापारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 20 मई से पहले अपनी जरूरी दवाएं खरीद लें, ताकि हड़ताल के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
एसोसिएशन ने बंद से होने वाली असुविधा के लिए लोगों से खेद भी जताया है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से मुक्त रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और इमरजेंसी सेवाओं पर असर न पड़े।
इस फैसले से गंभीर मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
दवा व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में दवा बाजार में बड़ी अव्यवस्था पैदा हो सकती है।
माना जा रहा है कि इस हड़ताल के बाद सरकार और दवा व्यापारियों के बीच बातचीत हो सकती है। मेडिकल एसोसिएशन लगातार ऑनलाइन दवा बिक्री के नियमों को लेकर स्पष्ट नीति की मांग कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दवा बिक्री को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन इसके लिए मजबूत रेगुलेशन और निगरानी तंत्र जरूरी होगा।
मध्यप्रदेश में मेडिकल स्टोर्स की यह हड़ताल सिर्फ व्यापारिक मुद्दा नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला बन गई है। जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में इसका असर देखने को मिलेगा। ऐसे में लोगों को पहले से जरूरी दवाओं का इंतजाम करने की सलाह दी जा रही है।
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