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रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अनियमितताओं को लेकर NSUI का हंगामा, कुलपति कक्ष में धरने पर बैठे छात्र

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जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं
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जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और छात्र समस्याओं को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने जोरदार प्रदर्शन किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कुलगुरु कार्यालय का घेराव किया और कुलपति से मुलाकात नहीं होने पर उनके कक्ष में धरने पर बैठ गए।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और काफी देर तक हंगामे का माहौल रहा।

एनएसयूआई ने ज्ञापन सौंपकर लगाए गंभीर आरोप

एनएसयूआई नेता अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कई गंभीर मुद्दों को उठाया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • परीक्षा परिणामों में लगातार देरी
  • विभागों में शोधार्थियों से अनुचित अपेक्षाएं
  • केंद्रीय पुस्तकालय में अव्यवस्थाएं
  • शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट
  • एनसीसी कैडेट्स के लिए सुविधाओं की कमी
  • बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू न होना

छात्र संगठन का आरोप है कि शासन स्तर से निर्देश मिलने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन सुधारात्मक कदम उठाने में विफल रहा है।

कुलपति से मुलाकात नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को सीधे कुलपति के सामने रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ता कुलपति कक्ष में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्र हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

परिसर में बना तनावपूर्ण माहौल

धरना और प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों को सक्रिय होना पड़ा।

हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा छात्रों को शांत कराने और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

एनएसयूआई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय में सामने आई सभी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के हितों की रक्षा होना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई स्तरों पर लापरवाही दिखाई दे रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस विरोध प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शैक्षणिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्यप्रणाली और छात्र सुविधाओं को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है।

यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया, तो इसका असर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख और छात्रों के भविष्य दोनों पर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एनएसयूआई का प्रदर्शन केवल छात्र राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों का संकेत है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों और आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में सुधारात्मक कार्रवाई देखने को मिलेगी।

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