होमट्रेंडिंगजबलपुर जिला अदालत में ‘कातिलाना’ साज़िश नाकाम, पेशी पर आए आरोपी के पास मिला बटनदार चाकू

जबलपुर जिला अदालत में ‘कातिलाना’ साज़िश नाकाम, पेशी पर आए आरोपी के पास मिला बटनदार चाकू

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जबलपुर जिला अदालत परिसर में एक संभावित बड़ी घटना उस समय टल गई, जब पेशी पर आए एक आरोपी के
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जबलपुर जिला अदालत परिसर में एक संभावित बड़ी घटना उस समय टल गई, जब पेशी पर आए एक आरोपी के पास से पुलिस ने खतरनाक बटनदार चाकू बरामद किया। अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी द्वारा हथियार अंदर ले जाने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और हथियार जब्त कर उसे ओमती थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पेशी के दौरान पकड़ा गया आरोपी

जानकारी के अनुसार, रांझी निवासी प्रेम सोनकर किसी मामले में पेशी के लिए जबलपुर जिला अदालत पहुंचा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने पर उसकी कमर से एक खतरनाक बटनदार चाकू बरामद हुआ।

अदालत परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आरोपी के पास हथियार मिलने से वहां मौजूद पुलिस और न्यायालय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

सुरक्षा घेरे को चकमा देने की कोशिश

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी सुरक्षा जांच को चकमा देकर हथियार अदालत परिसर के अंदर ले जाने की फिराक में था। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आरोपी अदालत के भीतर हथियार लेकर आखिर क्या करने वाला था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं वह किसी व्यक्ति पर हमला करने या किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना तो नहीं बना रहा था।

आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्रेम सोनकर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका आपराधिक रिकॉर्ड होने के कारण पुलिस मामले को और गंभीरता से देख रही है।

अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते आरोपी पकड़ा नहीं जाता, तो अदालत परिसर में कोई गंभीर घटना हो सकती थी।

ओमती पुलिस कर रही जांच

घटना के बाद आरोपी को बटनदार चाकू सहित ओमती थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ कर हथियार अदालत परिसर में लाने के पीछे के उद्देश्य का पता लगाया जा रहा है।

अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जिला अदालत जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार के साथ आरोपी का पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायालय परिसरों में सुरक्षा जांच को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

साथ ही अदालतों में आने वाले अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन तलाशी और निगरानी को लेकर भी नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

निष्कर्ष

जबलपुर जिला अदालत में पुलिस की सतर्कता ने एक संभावित बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया। हालांकि इस घटना ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी का असली मकसद क्या था और उसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं।

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