होमट्रेंडिंगबरगी क्रूज़ हादसे के बाद अलर्ट मोड में प्रशासन, ग्वारीघाट में शुरू हुआ विशेष रेस्क्यू प्रशिक्षण अभियान

बरगी क्रूज़ हादसे के बाद अलर्ट मोड में प्रशासन, ग्वारीघाट में शुरू हुआ विशेष रेस्क्यू प्रशिक्षण अभियान

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बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे के बाद प्रशासन और सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भविष्य
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बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे के बाद प्रशासन और सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और बारिश के मौसम में संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए जबलपुर के ग्वारीघाट में नर्मदा नदी पर विशेष रेस्क्यू प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है।

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर किया जा रहा है।

आठ जिलों के 51 जवान ले रहे हिस्सा

प्रशिक्षण अभियान में जबलपुर संभाग के आठ जिलों से आए कुल 51 जवान हिस्सा ले रहे हैं। इन जवानों को जल आपदा और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी विशेष तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तैयार करना है, जो किसी भी जल हादसे या बाढ़ जैसी स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई कर सके।

नर्मदा नदी में दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण

ग्वारीघाट स्थित नर्मदा नदी में जवानों को तेज बहाव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में बचाव कार्य करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • तैराकी और जल सुरक्षा तकनीक
  • डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना
  • CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन)
  • फर्स्ट एड प्रशिक्षण
  • मोटरबोट संचालन
  • चप्पू वाली नाव चलाने का अभ्यास
  • सीमित संसाधनों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि आपदा के समय वे बेहतर ढंग से कार्य कर सकें।

बरगी हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता

हाल ही में बरगी बांध में हुए क्रूज़ हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस हादसे के बाद जल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और रेस्क्यू सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई।

प्रशासन का मानना है कि समय पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम उपलब्ध होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण पूरा होने पर दिए जाएंगे प्रमाण पत्र

अभियान के अंत में प्रशिक्षण प्राप्त जवानों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि वास्तविक आपदा प्रबंधन क्षमता विकसित करने का प्रयास है।

प्रशिक्षण में SDRF और होमगार्ड के अनुभवी प्रशिक्षक जवानों को आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं।

विशेषज्ञों ने बताया जरूरी कदम

आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश जैसे राज्य में, जहां नदियों और जलाशयों की संख्या अधिक है, वहां जल आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित बल का होना बेहद आवश्यक है।

विशेषकर बारिश के मौसम में अचानक बाढ़, नाव हादसे और जल दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

निष्कर्ष

ग्वारीघाट में शुरू हुआ यह विशेष रेस्क्यू प्रशिक्षण अभियान भविष्य की आपदाओं से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बरगी क्रूज़ हादसे के बाद प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित हो सकता है।

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