
जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र स्थित बगदरी वाटरफॉल में दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवकों ने चोरी के संदेह में करीब 11 और 12 साल के दो बच्चों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद बच्चों के कपड़े उतरवाकर घटना का वीडियो बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र से कुछ युवक बगदरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके कुछ रुपये और सामान गायब होने की बात सामने आई। युवकों ने वहां मौजूद दोनों बच्चों पर चोरी का शक जताते हुए उनसे पूछताछ शुरू कर दी। बच्चों ने खुद को निर्दोष बताते हुए चोरी करने से इनकार किया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद युवकों ने उनके साथ मारपीट की।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि युवकों ने दोनों नाबालिगों को पकड़कर उनके साथ थप्पड़ और मारपीट की। बच्चे लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और उनसे छोड़ देने की गुहार लगाते रहे। इसके बाद कथित तौर पर बच्चों के कपड़े उतरवाए गए और उन्हें इसी स्थिति में घुमाया गया।
घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया। वीडियो में बच्चों द्वारा चोरी से इनकार करने और अपने परिजनों से बात करने की बात कहने की जानकारी सामने आई है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। वीडियो में दिखाई दे रही घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब वीडियो की सत्यता की जांच करने के साथ-साथ उसमें नजर आ रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है।
मामले में बच्चों के साथ मारपीट के अलावा उनके मोबाइल फोन और रुपये लिए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान करना है। इसके लिए वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट किस परिस्थिति में हुई।
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी का संदेह होने पर भी किसी व्यक्ति को खुद सजा देने या मारपीट करने का अधिकार नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच में तथ्य सामने आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जबलपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस द्वारा वीडियो की सत्यता, घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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