होमट्रेंडिंगबारिश थमते ही जबलपुर के बाजारों में लौटी त्योहारों की रौनक, हरछठ और जन्माष्टमी की खरीदारी जोरों पर

बारिश थमते ही जबलपुर के बाजारों में लौटी त्योहारों की रौनक, हरछठ और जन्माष्टमी की खरीदारी जोरों पर

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बारिश का दौर थमते ही जबलपुर के बाजारों में एक बार फिर त्योहारों की रौनक लौट आई है। हरछठ और
बारिश थमते ही जबलपुर के बाजारों में लौटी त्योहारों की रौनक

बारिश का दौर थमते ही जबलपुर के बाजारों में एक बार फिर त्योहारों की रौनक लौट आई है। हरछठ और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के प्रमुख बाजार सज गए हैं। मौसम साफ होते ही बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर त्योहारों की तैयारियों में जुट गए हैं। पूजा सामग्री से लेकर भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक, मुकुट, बांसुरी और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है।

पिछले दिनों लगातार बारिश के चलते बाजारों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कई लोग बारिश के कारण खरीदारी के लिए घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। अब बारिश थमने के बाद बाजारों में चहल-पहल बढ़ी है और त्योहारों को लेकर खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है।

हरछठ को लेकर महिलाओं में उत्साह

हरछठ माताओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं। हरछठ को हलषष्ठी और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है।

पर्व को लेकर महिलाएं पूजा की तैयारियों में जुटी हुई हैं। बाजारों में हरछठ की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी की जा रही है। पूजा-पाठ से जुड़ी दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरछठ का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी को समर्पित माना जाता है। संतान की सुख-समृद्धि और उनकी लंबी आयु की कामना के साथ महिलाएं इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करती हैं।

जन्माष्टमी के लिए सज गए कान्हा के बाजार

हरछठ के साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भी जबलपुर के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी कान्हा के लिए आकर्षक पोशाकों की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है।

बाजार में कान्हा के लिए अलग-अलग डिजाइन और रंगों की पोशाकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, माला, कड़े और अन्य श्रृंगार सामग्री भी लोगों को आकर्षित कर रही है। छोटे बच्चों से लेकर परिवार के अन्य सदस्य भी अपनी पसंद के अनुसार कान्हा की पोशाक और सजावटी सामान खरीद रहे हैं।

दुकानदारों ने भी जन्माष्टमी को देखते हुए अपनी दुकानों को अलग-अलग प्रकार की कृष्ण पोशाकों और श्रृंगार सामग्री से सजाया है। बाजारों में कहीं नन्हे कान्हा की झलक दिख रही है तो कहीं रंग-बिरंगी पोशाकों और मुकुटों ने लोगों का ध्यान खींचा।

बारिश के बाद कारोबारियों को भी राहत

लगातार बारिश के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई थी। बारिश के दौरान जरूरी खरीदारी के अलावा लोग बाजार जाने से बच रहे थे। अब मौसम में सुधार होने के साथ ही त्योहारों की खरीदारी ने कारोबारियों को राहत दी है।

त्योहारों की वजह से कपड़े, पूजा सामग्री, श्रृंगार सामग्री और भगवान की पोशाकों से जुड़ी दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। बाजारों में बढ़ी चहल-पहल से कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहार नजदीक आने के साथ खरीदारी में और तेजी आएगी।

त्योहारों के रंग में रंगा शहर

जबलपुर के बाजारों में इस समय धार्मिक आस्था और त्योहारों की तैयारियों का माहौल दिखाई दे रहा है। एक ओर महिलाएं हरछठ के व्रत और पूजा की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार जन्माष्टमी के लिए नन्हे कान्हा की पोशाक और श्रृंगार सामग्री खरीदने में जुटे हैं।

बारिश के कारण कुछ दिनों तक फीकी नजर आई बाजारों की रौनक अब त्योहारों की खरीदारी के साथ लौटती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में जन्माष्टमी की तैयारियां और तेज होने के साथ बाजारों में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।

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