
जबलपुर-भोपाल मार्ग पर स्थित शहपुरा (भिटौनी) टोल नाके पर टोल कलेक्शन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। शहपुरा रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात डायवर्ट किए जाने और टोल वसूली को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार हो रहे विरोध के बीच यह निर्णय लिया गया है। मंगलवार को भोपाल में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को शहपुरा टोल पर अस्थायी रूप से टोल कलेक्शन बंद करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से चल रही निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं के साथ भविष्य में प्रस्तावित बड़ी सड़क परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान सड़क निर्माण की गति, गुणवत्ता, रखरखाव, सड़क सुरक्षा और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई।
जबलपुर-भोपाल मार्ग पर शहपुरा रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्तमान में यातायात व्यवस्था प्रभावित है। वाहनों की आवाजाही को दूसरे मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। इसके बावजूद शहपुरा क्षेत्र में स्थित टोल नाके पर टोल वसूली को लेकर स्थानीय समुदाय में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी।
बैठक में इस मामले की समीक्षा करते हुए मंत्री राकेश सिंह ने शहपुरा टोल नाके पर अस्थायी रूप से टोल कलेक्शन बंद करने के निर्देश दिए। इससे डायवर्ट किए जा रहे यातायात के बीच टोल वसूली को लेकर स्थानीय स्तर पर चल रहे विरोध को देखते हुए फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है।
समीक्षा बैठक में जबलपुर रिंग रोड की प्रगति को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। रिंग रोड परियोजना का काम कुल पांच पैकेज में किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान चार पैकेजों में काम की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि पांचवें पैकेज में अपेक्षित गति से काम नहीं होने पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिंग रोड के चार पैकेज दिसंबर 2026 तक पूरे किए जाएं। वहीं पांचवें पैकेज का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सभी पैकेजों में कार्य की लगातार निगरानी की जाए, ताकि संपूर्ण जबलपुर रिंग रोड परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो सके।
बैठक में प्रदेश की महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा उज्जैन-झालावाड़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन बड़ी सड़क परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों और स्तरों पर लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही उज्जैन-झालावाड़ एक्सप्रेसवे की स्वीकृति प्रक्रिया भी जल्द पूर्ण करने पर जोर दिया गया। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में बड़े सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ महत्वपूर्ण शहरों और क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
समीक्षा के दौरान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जबलपुर-दमोह मार्ग पर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सड़क की स्थिति और यातायात की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का अलग-अलग अनुबंधों के माध्यम से रखरखाव किया जा रहा है। जिन सड़कों पर परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि समाप्त हो चुकी है और जिनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, वहां अंतरिम व्यवस्था के तहत शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से मरम्मत और संधारण का काम कराया जा रहा है।
वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने बैठक में दी। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश के बाद सड़कों की स्थिति का लगातार निरीक्षण किया जाए और जहां भी नुकसान हुआ है, वहां समय पर मरम्मत कराई जाए।
समीक्षा के दौरान उज्जैन-गरोठ मार्ग के निर्माण में सामने आई गुणवत्ता संबंधी समस्याओं का मुद्दा भी उठा। मंत्री राकेश सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने कहा कि बड़ी सड़क परियोजनाओं में केवल समय पर काम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी तय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास केवल नई सड़क परियोजनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता, नियमित रखरखाव और सड़क सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की सतत निगरानी की जाए और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराने के साथ सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने वर्तमान में प्रगतिरत परियोजनाओं की स्थिति और प्रस्तावित नई परियोजनाओं की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण भी दिया। मंत्री ने लंबित प्रक्रियाओं को गति देने और प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को तय समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
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