
Last updated: June 15th, 2026 at 06:22 pm
जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए चर्चित क्रूज हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने सुनवाई शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा रिटायर्ड हाईकोर्ट जज जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया था, जिसे हादसे के कारणों और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। आरटीआई एक्टिविस्ट संगठन ‘नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच’ ने आयोग के समक्ष याचिका दायर कर क्रूज संचालन में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि हादसे का शिकार हुए क्रूज में दो इंजन लगे थे, लेकिन संचालन के दौरान केवल एक इंजन ही काम कर रहा था। संगठन का आरोप है कि तकनीकी खामियों के बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखा गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने आयोग के समक्ष यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद क्रूज को पानी से बाहर निकालकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जिससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए।
उनका कहना है कि यदि क्रूज सुरक्षित रखा जाता तो तकनीकी जांच के माध्यम से हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती थी।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी ने मामले से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड पर लिया है। बताया जा रहा है कि मामले की अगली सुनवाई के लिए जल्द ही नई तारीख निर्धारित की जाएगी।
इससे पहले भी बरगी क्रूज हादसे से जुड़े राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर सवाल उठ चुके हैं और कई पक्ष आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज करा चुके हैं।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल को बरगी बांध में संचालित पर्यटन क्रूज हादसे का शिकार हो गया था। इस दर्दनाक घटना में 13 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हादसे के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।
बरगी क्रूज हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल सामने आ रहे हैं। अब सभी की निगाहें आयोग की अगली सुनवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।
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