
Last updated: June 1st, 2026 at 06:35 pm
जबलपुर में नर्मदा नदी से हो रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विभिन्न घाटों पर छापेमारी कर अवैध रूप से बनाए गए रैंप तोड़े गए और मौके से जब्त की गई रेत को वापस नदी में डलवाया गया। कार्रवाई के दौरान खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।
प्रशासन की इस कार्रवाई को नर्मदा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार नर्मदा नदी के किनारे कई स्थानों पर रेत निकालने के लिए अस्थायी रैंप तैयार किए गए थे। इन्हीं रैंप के जरिए वाहनों की आवाजाही कर नदी से रेत निकाली जा रही थी।
प्रशासनिक टीम ने निरीक्षण के दौरान ऐसे रैंपों को चिन्हित किया और जेसीबी मशीनों की मदद से उन्हें ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नदी क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने मौके पर जमा की गई अवैध रेत भी जब्त की। इसके बाद रेत को वापस नदी में डलवाने की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
छापेमारी के दौरान राजस्व, खनिज और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही। कार्रवाई के समय पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाई गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध खनन की शिकायत मिलने पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। समय-समय पर प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद कई इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित रेत खनन से नदी की पारिस्थितिकी प्रभावित होती है। इससे नदी के किनारों का कटाव बढ़ सकता है और जल प्रवाह व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में नदी के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए अवैध खनन पर नियंत्रण बेहद जरूरी माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि नदी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक अवैध रेत खनन को लेकर विभिन्न स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है। संबंधित विभागों को संवेदनशील घाटों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल कार्रवाई के बाद कई घाटों पर खनन गतिविधियां बंद होती दिखाई दीं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि स्थायी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
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