
Last updated: May 20th, 2026 at 03:53 pm
जबलपुर जिले के बरगी विधानसभा क्षेत्र के पावला ग्राम में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब औचक निरीक्षण पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गांव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति और कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार का घेराव कर जमकर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और नेताओं की कथित साठगांठ के कारण गांव का विकास पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी के बावजूद गांव की सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी फैला हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरपंच कमलेश पटेल, सचिव दिकू लाल झारिया, सहायक सचिव रेवाराम साहू और पूर्व मंडल अध्यक्ष उमंग गुमास्ता पर गंभीर आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ियां की गईं और विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रशासन और स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से योजनाओं का पैसा सही तरीके से जमीन पर नहीं उतरा।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने जब गांव की स्थिति देखी तो वे भी हैरान रह गए। गांव की सड़कों पर फैले कीचड़ और गंदे पानी के बीच अधिकारियों की गाड़ियां भी लथपथ हो गईं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर ही गांव की समस्याएं दिखाईं और कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे हैं।
गांव के लोगों ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के सामने साफ तौर पर मांग रखी कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय वित्तीय जांच कराई जाए।
साथ ही ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पावला ग्राम में सड़क, नाली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश नहीं होने के बावजूद गांव में कीचड़ और जलभराव जैसी स्थिति बनी रहती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में पंचायत व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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