
जबलपुर। पाटन नगर की ट्रैफिक और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर 18 अगस्त 2026 को किए गए सर्वदलीय आंदोलन और चक्काजाम के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। बिना अनुमति सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और यातायात ठप करने के आरोप में पुलिस ने उदय भान सिंह सिंगौर समेत पांच नामजद और 50-60 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पाटन-जबलपुर मार्ग के कटंगी चौराहा मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर और अन्य वाहन खड़े कर रास्ता अवरुद्ध किया गया था। इसके अलावा सड़क पर टेंट लगाकर बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठ गए थे। इसके चलते करीब 4 से 5 घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार पाटन क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर सर्वदलीय आंदोलन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पाटन-जबलपुर मार्ग पर बढ़ते यातायात की समस्या की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और कटंगी चौराहे के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की स्थिति बन गई। ट्रैक्टर और अन्य वाहन सड़क पर खड़े कर दिए गए, जिसके कारण मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
पुलिस के मुताबिक करीब 50 से 60 लोग सड़क पर एकत्रित हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगाकर मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया। इसके कारण करीब चार से पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
सड़क जाम होने से आम वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने के कारण यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते हुए जिला दंडाधिकारी के प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी।
प्रदर्शनकारियों से आंदोलन और सड़क जाम के लिए वैध अनुमति पत्र भी मांगा गया। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों की ओर से कोई अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं हुए।
अधिकारियों ने कई बार समझाइश देकर यातायात बहाल करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर जाम जारी रखने पर अड़े रहे।
पुलिस के अनुसार, बार-बार समझाने और सार्वजनिक मार्ग से हटने के लिए कहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जाम नहीं हटाया। इस दौरान नारेबाजी भी शुरू कर दी गई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सख्ती बरती और मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान के आधार पर पांच लोगों को नामजद किया, जबकि 50-60 अन्य लोगों को मामले में अज्ञात आरोपी बनाया गया है।
पाटन थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने उदय भान सिंह सिंगौर, आनंद मोहन पलहा, शोभा पटेल, रवि खंगार और रामशरण लोधी को नामजद किया है। इनके अलावा करीब 50-60 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 189(2), 223(b) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बिना अनुमति सार्वजनिक मार्ग को बाधित कर आम लोगों के आवागमन में परेशानी पैदा करने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सार्वजनिक मार्ग पर लंबे समय तक चक्काजाम करने और प्रशासन की समझाइश के बावजूद रास्ता नहीं खोलने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।
फिलहाल पाटन में ट्रैफिक समस्या को लेकर हुए इस आंदोलन के बाद दर्ज एफआईआर चर्चा में है। पुलिस मामले में नामजद आरोपियों और अन्य प्रदर्शनकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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