
Last updated: June 22nd, 2026 at 04:36 pm
मुहर्रम की पांचवीं तारीख पर शहर का धार्मिक माहौल आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। जबलपुर की प्रसिद्ध कछरी दरगाह शरीफ में बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे और हजरत सैयद ख्वाजा अमीनउद्दीन चिश्ती बाबा साहब कछरी वाले के आस्ताने पर हाजिरी देकर सलाम पेश की। पूरे दिन दरगाह परिसर में जायरीन की आवाजाही बनी रही।
मुहर्रम की पांचवीं तारीख के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बाबा साहिबान अपनी-अपनी टिपारियां लेकर कछरी दरगाह शरीफ पहुंचे। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अकीदतमंदों ने दरगाह में हाजिरी लगाई और श्रद्धापूर्वक सलामी पेश की।
दरगाह परिसर में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा।
अकीदतमंदों ने हजरत सैयद ख्वाजा अमीनउद्दीन चिश्ती बाबा साहब कछरी वाले के आस्ताने पर पहुंचकर दुआएं मांगीं। इस दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की।
मुहर्रम के मौके पर दरगाह में विशेष रौनक देखने को मिली और पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में रंगा नजर आया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी मुहर्रम की पांचवीं तारीख पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली। लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हुए कार्यक्रम में भाग लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और हर साल बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचते हैं।
मुहर्रम के अवसर पर जबलपुर के विभिन्न हिस्सों में भी धार्मिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कछरी दरगाह शरीफ में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
आने वाले दिनों में मुहर्रम से जुड़े अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी देता है। कछरी दरगाह शरीफ में उमड़ी भीड़ ने इसी भावना को मजबूत करने का काम किया।
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