
Last updated: June 23rd, 2026 at 06:58 pm
जबलपुर। गुंजन कला सदन मध्यप्रदेश द्वारा रुस्तम जी पुरस्कार से सम्मानित नौ पुलिस अधिकारियों का भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महापौर, विधायक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सम्मानित अधिकारियों को शॉल, श्रीफल, माला और अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान पूर्व एआईजी राजेश तिवारी की कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा को लेकर की गई एक टिप्पणी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक अजय विश्नोई, डीआईजी अतुल सिंह, पूर्व डीआईजी मनोहर वर्मा और गुंजन कला सदन के कार्यकारी अध्यक्ष हिमांशु तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में पुलिस अधिकारियों की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें समाज का सजग प्रहरी बताया।
समारोह में जिन अधिकारियों का अभिनंदन किया गया, उनमें शामिल हैं—
सभी अधिकारियों को शॉल, श्रीफल और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पूर्व एआईजी राजेश तिवारी की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए डीआईजी अतुल सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि, “अगर राजेश तिवारी अमेरिका में होते, तो ईरान-हरमुज घाटी का विवाद भी सुलझा देते।”
यह टिप्पणी समारोह में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सम्मानित अधिकारियों का अभिनंदन किया।
समारोह के माध्यम से पुलिस अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा और समाज में उनके योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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