
Last updated: August 6th, 2026 at 04:39 pm
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्कूली बच्चों के जान जोखिम में डालकर स्टॉप डेम पार कर स्कूल जाने के मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए सुनवाई तय की है। मामले की सुनवाई आज जबलपुर स्थित हाईकोर्ट में होगी।
सामने आए मामले के अनुसार, विदिशा जिले के कई स्कूली बच्चे प्रतिदिन स्टॉप डेम के पिलरों के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं। सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण बच्चों को यह जोखिम उठाना पड़ रहा है।
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने इसे जनहित और बच्चों के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट राज्य सरकार और विदिशा कलेक्टर को नोटिस जारी कर पूरे मामले में जवाब तलब कर सकता है। साथ ही बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए अब तक किए गए इंतजामों की जानकारी भी मांगी जा सकती है।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा तक सुरक्षित पहुंच और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अदालत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दे सकती है।
अपनी खबर हमें भेजें – हम उसे दुनिया तक पहुँचाएंगे।
© 2026 Jabalpur Breaking. All rights reserve
No Comments