होमअपराधकटनी हत्याकांड में FSL रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के गंभीर सवाल, सैंपल सागर भेजा तो रिपोर्ट जबलपुर से कैसे?

कटनी हत्याकांड में FSL रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के गंभीर सवाल, सैंपल सागर भेजा तो रिपोर्ट जबलपुर से कैसे?

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी के एक हत्या मामले में सामने आई FSL रिपोर्ट की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को लेकर
कटनी हत्याकांड: FSL रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के गंभीर सवाल

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी के एक हत्या मामले में सामने आई FSL रिपोर्ट की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि मृतक की मानव खोपड़ी का सैंपल जांच के लिए सागर FSL भेजा गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट जबलपुर FSL से जारी हुई। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर विसंगति मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

सागर भेजे गए सैंपल की जबलपुर से जारी हुई रिपोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने FSL रिपोर्ट से जुड़ी विसंगति सामने आई। बताया गया कि मृतक की मानव खोपड़ी का सैंपल जांच के लिए सागर स्थित FSL भेजा गया था। इसके बावजूद रिपोर्ट जबलपुर FSL से जारी होने की बात सामने आई।

कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए FSL की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई।

हाईकोर्ट ने कहा- ऐसी रिपोर्ट के आधार पर इंसानी जिंदगी का फैसला नहीं

जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए फॉरेंसिक जांच में सामने आई इस विसंगति को गंभीर माना।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की गंभीर लापरवाही वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इंसानी जिंदगियों से जुड़े फैसले नहीं किए जा सकते।

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि सैंपल और रिपोर्ट की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित हुई और इसमें ऐसी विसंगति कैसे सामने आई।

गृह विभाग के ACS और FSL डायरेक्टर से मांगा शपथपत्र

हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और FSL डायरेक्टर से दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करने को कहा है।

अदालत यह स्पष्ट करना चाहती है कि सैंपल किस FSL को भेजा गया, उसकी जांच कहां हुई और रिपोर्ट किसी दूसरे FSL से किस आधार पर जारी हुई।

रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाली डॉक्टर को भी बुलाया

हाईकोर्ट ने FSL रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वालीं डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव को भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

अदालत के इस निर्देश के बाद अब अगली सुनवाई में FSL रिपोर्ट तैयार होने और जारी किए जाने की पूरी प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

समनू प्रसाद विश्वकर्मा हत्याकांड से जुड़ा है मामला

यह मामला कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में हुए समनू प्रसाद विश्वकर्मा हत्याकांड से जुड़ा है। मामले में जिला अदालत ने 16 दिसंबर 2025 को एक महिला सहित पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

जिला अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। इसी अपील की सुनवाई के दौरान FSL रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण विसंगति सामने आई।

31 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह में शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाली डॉक्टर की व्यक्तिगत उपस्थिति भी तय की गई है।

मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि FSL रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों पर संबंधित अधिकारी अदालत के सामने क्या जवाब पेश करते हैं।

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