होमट्रेंडिंगजबलपुर में शुरू हुई प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा, 33 किलोमीटर का सफर

जबलपुर में शुरू हुई प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा, 33 किलोमीटर का सफर

-
 सावन के पावन अवसर पर जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्राओं में शामिल 33 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा
जबलपुर में शुरू हुई 33 किमी की कांवड़ यात्रा, 24 थाने तैनात

 सावन के पावन अवसर पर जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्राओं में शामिल 33 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। गौरीघाट से कैलाशधाम तक आयोजित यह यात्रा इस वर्ष अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल हुए हैं और पूरे मार्ग पर भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना हुआ है।

गौरीघाट से शुरू हुई कांवड़ यात्रा

कांवड़िए गौरीघाट स्थित नर्मदा तट से पवित्र जल लेकर कैलाशधाम के लिए रवाना हुए। सावन के मौके पर नर्मदा जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा के तहत श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं।

यात्रा के दौरान कांवड़िए पूरे रास्ते धार्मिक जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सुबह से ही गौरीघाट और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।

33 किलोमीटर का सफर तय करेंगे कांवड़िए

गौरीघाट से शुरू हुई यात्रा करीब 33 किलोमीटर का सफर तय कर कैलाशधाम पहुंचेगी। लंबी दूरी होने के बावजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से कांवड़ियों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर और पंडाल लगाए गए हैं। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल

कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल और राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि सहित कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के शामिल होने की जानकारी है।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

यात्रा मार्ग पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर 24 से अधिक थानों की पुलिस को तैनात किया गया है।

पुलिस बल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी संभाल रहा है। भीड़ को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

सेवा शिविरों से कांवड़ियों का स्वागत

यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पंडाल और सेवा शिविर लगाए हैं। यहां कांवड़ियों के लिए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

पूरे मार्ग में धार्मिक गीत, जयकारे और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

कैलाशधाम पहुंचकर पूरी होगी यात्रा

गौरीघाट से नर्मदा जल लेकर निकले कांवड़िए करीब 33 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद कैलाशधाम पहुंचेंगे। यहां पहुंचकर नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा।

16वें वर्ष आयोजित हो रही इस कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

जबलपुर में शुरू हुई प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा, 33 किलोमीटर का सफर

 सावन के पावन अवसर पर जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्राओं में शामिल

No Comments