होमजबलपुर दक्षिणजबलपुर: अफसर का मोबाइल हैक कर मैनेजर से 48 हजार की साइबर ठगी, WhatsApp कॉल और QR Code के जरिए लगाया चूना

जबलपुर: अफसर का मोबाइल हैक कर मैनेजर से 48 हजार की साइबर ठगी, WhatsApp कॉल और QR Code के जरिए लगाया चूना

-
जबलपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां हैक किए गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर
WhatsApp Call और QR Code से Jabalpur में NTPC Manager से ₹48 हजार की ठगी

जबलपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां हैक किए गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर एक वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर एनटीपीसी के मैनेजर से 48 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने पहले अधिकारी का मोबाइल नंबर हैक किया और फिर उसी नंबर से WhatsApp कॉल कर तत्काल पैसों की जरूरत बताई। भरोसा होने पर मैनेजर ने भेजे गए QR Code को स्कैन कर 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जब अगले दिन उन्होंने संबंधित अधिकारी से बात की, तब पता चला कि उनका मोबाइल पहले से ही हैक हो चुका था। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

WhatsApp कॉल पर मांगे गए पैसे

जानकारी के अनुसार, गोराबाजार स्थित राजुल टाउनशिप निवासी अमित राज गौतम एनटीपीसी के घंसौर प्लांट में मैनेजर पद पर कार्यरत हैं।

पीड़ित के मुताबिक, उन्हें उनके एक वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल नंबर से WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए तत्काल कुछ राशि की जरूरत होने की बात कही। चूंकि कॉल परिचित नंबर से आया था, इसलिए उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

QR Code भेजकर कराए 48 हजार रुपये ट्रांसफर

कॉल के दौरान ठग ने WhatsApp पर एक QR Code भेजा और उस पर 48 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा। वरिष्ठ अधिकारी का नंबर होने के कारण अमित राज गौतम ने बिना किसी शंका के बताए गए QR Code को स्कैन कर 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

लेन-देन पूरा होने के बाद ठग ने संपर्क समाप्त कर दिया।

अगले दिन खुला पूरा मामला

अगले दिन जब अमित राज गौतम ने संबंधित अधिकारी से बातचीत की, तब उन्हें पता चला कि अधिकारी ने किसी तरह की रकम नहीं मांगी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अधिकारी का मोबाइल पहले से हैक हो चुका था और इस संबंध में नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी थी।

इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है।

गोराबाजार पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की शिकायत मिलने के बाद गोराबाजार थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस डिजिटल ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं।

साइबर पुलिस की सलाह: ऐसे रहें सतर्क

पुलिस और साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल हैक किए गए WhatsApp अकाउंट और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर परिचितों से पैसे मांगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन कॉल या आमने-सामने संपर्क कर पुष्टि जरूर करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

  • WhatsApp या सोशल मीडिया पर आए पैसे मांगने वाले संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें।
  • QR Code स्कैन करने या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित व्यक्ति से अलग माध्यम से पुष्टि करें।
  • मोबाइल और WhatsApp पर Two-Step Verification जरूर चालू रखें।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
  • बैंक खाते से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी बैंक को दें।

समाचार मुख्य आकर्षण

आपको यह भी पसंद आ सकता है

No Comments