होमट्रेंडिंगविक्टोरिया अस्पताल में बीमार बच्ची को नहीं मिला स्ट्रेचर| पिता ने खुद उठाकर वार्ड तक पहुंचाया

विक्टोरिया अस्पताल में बीमार बच्ची को नहीं मिला स्ट्रेचर| पिता ने खुद उठाकर वार्ड तक पहुंचाया

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जबलपुर। जिला अस्पताल विक्टोरिया से सामने आए एक वीडियो ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो
जबलपुर विक्टोरिया अस्पताल में बच्ची को स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप

जबलपुर। जिला अस्पताल विक्टोरिया से सामने आए एक वीडियो ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक बीमार बच्ची को ड्रिप लगी हुई दिखाई दे रही है। वहीं, उसके माता-पिता बच्ची को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची को वार्ड तक ले जाने के लिए उन्हें जरूरी मदद नहीं मिली और स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे थे माता-पिता

जानकारी के मुताबिक, बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसके माता-पिता उसे इलाज के लिए विक्टोरिया जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्ची को ड्रिप लगाई गई थी। इसके बाद पिता ने अस्पताल स्टाफ से बच्ची को वार्ड तक पहुंचाने के लिए मदद मांगी।

आरोप है कि स्टाफ की ओर से उन्हें बच्ची को खुद ही वार्ड तक ले जाने के लिए कहा गया। परिजनों का कहना है कि उस समय बच्ची की हालत को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में इसकी व्यवस्था नहीं की गई।

वीडियो में परेशान नजर आए परिजन

सामने आए वीडियो में बच्ची को ड्रिप लगी हुई है और उसके माता-पिता उसे लेकर परेशान दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और आपात स्थिति में स्टाफ की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों के आरोपों के मुताबिक, यदि बच्ची को समय पर स्ट्रेचर और जरूरी सहायता मिल जाती तो उन्हें इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता।

अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल

इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि जिला अस्पताल जैसे प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त स्ट्रेचर उपलब्ध क्यों नहीं था? गंभीर हालत में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल सहायता देने की जिम्मेदारी किसकी है?

फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध थे या नहीं और संबंधित स्टाफ से इस बारे में कोई जवाब मांगा गया है या नहीं।

अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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