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जबलपुर में Telegram टास्क के नाम पर छात्रा से 2 लाख की ठगी, साइबर अपराधियों का नया तरीका उजागर

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जबलपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें ऑनलाइन टास्क पूरा कर कमाई करने के लालच
Telegram Task Scam: Jabalpur की छात्रा से 2 लाख की Cyber ठगी

जबलपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें ऑनलाइन टास्क पूरा कर कमाई करने के लालच में एक छात्रा अपने ही पैसों से हाथ धो बैठी। तिलवारा थाना क्षेत्र में रहने वाली बीएमएस की छात्रा को टेलीग्राम के जरिए संपर्क कर साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया और उससे करीब 2 लाख रुपये ठग लिए।

यह घटना न केवल साइबर अपराधियों की चालाकी को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह युवा वर्ग, खासकर छात्र-छात्राएं, आसान कमाई के झांसे में आकर ऐसे गिरोहों का शिकार बन रहे हैं।

टेलीग्राम मैसेज से हुई शुरुआत

पीड़ित छात्रा के अनुसार, उसे टेलीग्राम पर एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि वह घर बैठे आसान टास्क पूरा कर अच्छा पैसा कमा सकती है। टास्क बेहद सरल बताए गए थे—जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी होटल, प्रोडक्ट या सर्विस का रिव्यू देना, रेटिंग करना या कुछ लिंक पर क्लिक करना।

शुरुआत में छात्रा को कुछ छोटे टास्क दिए गए, जिन्हें उसने पूरा किया। इसके बदले उसे करीब 5 हजार रुपये का कमीशन भी दिया गया। यह रकम उसके खाते में आने से उसका भरोसा पूरी तरह बन गया और उसे लगा कि यह एक वास्तविक और सुरक्षित कमाई का माध्यम है।

भरोसा जीतने के बाद शुरू हुआ असली खेल

जब छात्रा को यकीन हो गया, तब साइबर ठगों ने उसे बड़े टास्क देने शुरू किए। इन टास्क के साथ यह शर्त रखी गई कि ज्यादा कमाई के लिए उसे पहले कुछ रकम “इन्वेस्ट” करनी होगी, जो बाद में मुनाफे के साथ वापस कर दी जाएगी।

ठगों के झांसे में आकर छात्रा ने अलग-अलग बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर किए। धीरे-धीरे यह रकम बढ़ती गई और कुल मिलाकर करीब 2 लाख रुपये ठगों के खातों में जमा हो गए।

इसके बाद जब छात्रा ने अपने पैसे और कमीशन की मांग की, तो ठगों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया और अंततः उससे संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।

ठगी का एहसास और पुलिस में शिकायत

जब काफी समय तक कोई जवाब नहीं मिला और पैसे वापस नहीं आए, तब छात्रा को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वह तिलवारा थाना पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, टेलीग्राम अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

साइबर ठगों का सुनियोजित तरीका

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कोई साधारण ठगी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड का हिस्सा है। इस तरह के मामलों में ठग पहले छोटे-छोटे भुगतान करके पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं।

टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ये गिरोह देशभर में सक्रिय हैं और अलग-अलग लोगों को निशाना बना रहे हैं।

युवाओं और छात्रों को बना रहे निशाना

इस तरह की ठगी में सबसे ज्यादा युवा और छात्र वर्ग प्रभावित हो रहा है, क्योंकि वे जल्दी पैसा कमाने के अवसर तलाशते रहते हैं। ठग इसी मानसिकता का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि “वर्क फ्रॉम होम” और “ऑनलाइन कमाई” जैसे आकर्षक ऑफर्स के पीछे अक्सर धोखाधड़ी छिपी होती है, जिनसे सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

पुलिस की अपील और सावधानी के उपाय

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी संदिग्ध ऑफर पर भरोसा न करें। खासतौर पर जब कोई अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पैसे जमा करने के लिए कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

सावधानी के लिए जरूरी बातें:

  • अनजान टेलीग्राम या व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें
  • किसी भी टास्क के नाम पर पैसे जमा करने से बचें
  • “कम समय में ज्यादा कमाई” के दावों से सावधान रहें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें

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