
Last updated: June 29th, 2026 at 12:07 pm
जबलपुर से जुड़े एक अहम प्रशासनिक मामले में बिजली विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े गए सहायक अभियंता राजेश सहाय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने इस कार्रवाई को “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा बताया है।
जानकारी के अनुसार, सहायक अभियंता राजेश सहाय 25 जून को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए थे। यह कार्रवाई लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई, जिसने पहले से मिली शिकायत के आधार पर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से काम के एवज में रिश्वत मांगी गई थी, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर आरोपी अधिकारी को पकड़ लिया।
राजेश सहाय उस समय दमोह जिले के हटा संभाग में सहायक अभियंता के पद पर पदस्थ थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली कंपनी ने तुरंत संज्ञान लिया और बिना देरी किए निलंबन की कार्रवाई कर दी।
मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि विभाग में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे संबंधित अधिकारी किसी भी पद पर क्यों न हो।
लोकायुक्त सागर की टीम इस मामले में आगे की जांच भी कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लिया था या नहीं, और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
इस मामले में एक ओर जहां लोकायुक्त द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। निलंबन के बाद आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
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