
Last updated: August 19th, 2026 at 12:57 pm
सोशल मीडिया पर लाइक और व्यू बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुनवाई का फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने का मामला सामने आया है। करीब 5 मिनट 2 सेकंड के इस वीडियो में आरोपी खुद को कोर्ट की सुनवाई के दौरान बहस करते हुए दिखा रहा था। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में हाईकोर्ट ने 6 जुलाई को आईजी को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। चूंकि वीडियो से जुड़ा मामला सिंगरौली क्षेत्र का था, इसलिए सिविल लाइन थाना पुलिस ने बीएनएस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जीरो पर एफआईआर दर्ज की।
इसके बाद केस डायरी सिंगरौली पुलिस को भेजी गई। जांच के दौरान आरोपी की पहचान ग्राम बैढ़न पिपरझपी निवासी अमित तिवारी के रूप में हुई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमित तिवारी अपने कमरे में बैठकर फर्जी वीडियो तैयार करता था। पुलिस ने सूचना के आधार पर उसके घर पर दबिश दी।
बताया गया कि कमरे में रिवॉल्विंग चेयर, लैपटॉप और डेस्कटॉप रखा हुआ था। कमरे को इस तरह सजाया गया था कि वह अधिवक्ता के चैंबर जैसा दिखाई दे। आरोपी इसी सेटअप में बैठकर अपने दोस्त की मदद से वीडियो शूट करवाता था।
इसके बाद वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया जाता था।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने ‘आवेश तिवारी’ नाम से अकाउंट बनाया था। वह सोशल मीडिया के लिए पोस्ट और स्क्रिप्ट तैयार करने में AI की मदद लेता था और फिर उन्हें अपने अकाउंट से पोस्ट करता था।
फर्जी हाईकोर्ट सुनवाई का वीडियो भी इसी तरह तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि अमित तिवारी एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया। इसके बावजूद वह अपने दोस्तों और परिचितों के बीच खुद को वकील बताता था।
बताया गया कि सोशल मीडिया पर उसके वीडियो देखकर कुछ लोग कानूनी मामलों को लेकर उससे संपर्क करने लगे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस पहचान का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति से आर्थिक लाभ तो नहीं लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर थाने में आरोपी के खिलाफ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने का मामला दर्ज हुआ था। उस मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
फिलहाल सिंगरौली पुलिस आरोपी अमित तिवारी से पूछताछ कर रही है और फर्जी वीडियो बनाने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे उसके उद्देश्य और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अपनी खबर हमें भेजें – हम उसे दुनिया तक पहुँचाएंगे।
© 2026 Jabalpur Breaking. All rights reserve
No Comments