
जबलपुर के गुरंदी बाजार में देर रात भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में कबाड़ दुकानों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास की कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत फारूक की कबाड़ दुकान से हुई थी। इसके बाद कुछ ही देर में आसपास की पांच अन्य दुकानें भी आग की लपटों में घिर गईं। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक देर रात अचानक एक दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं।
कबाड़ सामग्री में प्लास्टिक, कागज और अन्य ज्वलनशील सामान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि संकरी गलियों और घनी बस्ती की वजह से फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस भीषण आग में दुकानों में रखा कबाड़ और अन्य सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।
प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा।
गुरंदी बाजार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगातार आग की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
लोगों का कहना है कि कबाड़ दुकानों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है, जिससे आग फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। कई स्थानीय लोगों ने बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजाम मजबूत करने की मांग उठाई है।
घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
लोग फायर ब्रिगेड की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, वहीं बाजार क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
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