होमट्रेंडिंगईयरबड्स की लोकेशन ने पहुंचाया चोर तक, जबलपुर GRP ने 2 घंटे में बरामद किया 10 लाख से ज्यादा का माल

ईयरबड्स की लोकेशन ने पहुंचाया चोर तक, जबलपुर GRP ने 2 घंटे में बरामद किया 10 लाख से ज्यादा का माल

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आधुनिक तकनीक और त्वरित पुलिस कार्रवाई का एक अनोखा मामला जबलपुर में सामने आया है। ट्रेन में चोरी हुए बैग
Earbuds की लोकेशन से खुला चोरी का राज, Jabalpur GRP की बड़ी सफलता

आधुनिक तकनीक और त्वरित पुलिस कार्रवाई का एक अनोखा मामला जबलपुर में सामने आया है। ट्रेन में चोरी हुए बैग का मोबाइल बंद हो जाने के बावजूद बैग में रखे ईयरबड्स की लोकेशन ने पुलिस को सीधे आरोपी तक पहुंचा दिया। जबलपुर जीआरपी ने महज दो घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 10 लाख 47 हजार रुपये का चोरी गया सामान बरामद कर लिया।

अमरकंटक एक्सप्रेस में हुई थी चोरी

जानकारी के अनुसार, रायपुर से इटारसी जा रहे यात्री मिलेश मालपाणी अमरकंटक एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी पत्नी का बैग अज्ञात चोर लेकर फरार हो गया।

बैग में सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अन्य कीमती सामान रखा था। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 10 लाख 47 हजार रुपये बताई गई है।

मोबाइल बंद हुआ तो ईयरबड्स बने पुलिस के लिए सुराग

घटना की सूचना मिलते ही जबलपुर जीआरपी ने जांच शुरू कर दी। हालांकि चोरी गए मोबाइल का स्विच ऑफ होने के कारण शुरुआती जांच में कठिनाई आई।

लेकिन बैग में रखे ईयरबड्स की लोकेशन सक्रिय थी। इसी तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

दो घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार

ईयरबड्स से मिले लोकेशन डेटा के आधार पर जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर आरोपी रितेश उर्फ कालू को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया। इससे पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मामले

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी रितेश उर्फ कालू पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, वह एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने पूर्व में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता

जबलपुर जीआरपी की इस कार्रवाई को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के कारण लाखों रुपये का सामान कुछ ही घंटों में बरामद किया जा सका।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि तकनीकी उपकरण न केवल सुविधा बढ़ाते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपराध की जांच में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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