
Last updated: August 31st, 2026 at 03:28 pm
चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किए गए जबलपुर के डुमना विमानतल में बारिश के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आने का दावा किया जा रहा है। तेज बारिश के बीच एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश द्वार पर पानी रिसता नजर आया। वहीं मुख्य द्वार का स्लाइडिंग डोर का शीशा टूटा हुआ दिखाई दिया। एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आए इन हालातों ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के बाद डुमना विमानतल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर फर्श पर पानी जमा हो गया। यात्रियों को इसी पानी से होकर एयरपोर्ट के अंदर और बाहर आना-जाना पड़ा। पानी जमा होने के कारण फिसलन का खतरा भी बना हुआ है।
यात्रियों को सावधान करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से मौके पर ‘सावधान’ लिखा बोर्ड भी लगाया गया है। हालांकि, यात्रियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने और जलभराव की समस्या को दूर करने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्लाइडिंग डोर का शीशा भी टूटा हुआ नजर आया। जिस स्थान से बड़ी संख्या में यात्री रोजाना आवाजाही करते हैं, वहां टूटे हुए कांच का होना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
बारिश के पानी की रिसाव और टूटे दरवाजे की स्थिति को लेकर एयरपोर्ट की निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
डुमना विमानतल की कार पार्किंग में जहरीले सांप घूमते हुए नजर आने की बात भी सामने आई है। बारिश के मौसम में सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं आम होती हैं, लेकिन एयरपोर्ट परिसर और पार्किंग क्षेत्र में इनके दिखाई देने से यात्रियों और वाहन मालिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और व्यस्त स्थान पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और उचित रखरखाव जरूरी है।
डुमना विमानतल की व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले बारिश के पानी से भरी छत का एक हिस्सा कार के ऊपर गिर चुका है। ऐसे में मौजूदा बारिश के दौरान पानी का रिसाव, जलभराव, टूटे शीशे और पार्किंग में सांप दिखाई देने की घटनाएं एयरपोर्ट प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
फिलहाल बारिश के बीच एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की आवाजाही जारी है। अब देखना होगा कि एयरपोर्ट प्रबंधन इन समस्याओं को कितनी जल्दी दूर करता है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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