होमट्रेंडिंगजबलपुर के साथ फिर ‘हवाई अन्याय’! दिल्ली की उड़ानों में कटौती पर भड़के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा

जबलपुर के साथ फिर ‘हवाई अन्याय’! दिल्ली की उड़ानों में कटौती पर भड़के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा

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मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। Dumna Airport से दिल्ली
Delhi Flights में कटौती पर Vivek Tankha नाराज, Jabalpur को झटका

मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। Dumna Airport से दिल्ली के लिए संचालित इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में 1 जुलाई से कटौती की जा रही है। नए शेड्यूल के तहत सप्ताह में तीन उड़ानें कम हो जाएंगी, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है। इस फैसले पर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे जबलपुर और पूरे पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ अन्याय करार दिया है।

1 जुलाई से लागू होगा नया शेड्यूल

इंडिगो एयरलाइंस के नए शेड्यूल के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से दिल्ली के लिए सुबह संचालित होने वाली उड़ान सप्ताह में केवल चार दिन उपलब्ध रहेगी। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को यह सेवा बंद रहेगी।

इस बदलाव के बाद जबलपुर और दिल्ली के बीच संचालित होने वाली कुल उड़ानों की संख्या 14 से घटकर 11 रह जाएगी।

यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

दिल्ली जबलपुर के लिए सबसे महत्वपूर्ण हवाई मार्गों में से एक है। बड़ी संख्या में व्यापारी, छात्र, मरीज, सरकारी अधिकारी और आम यात्री इसी रूट का उपयोग करते हैं। दिल्ली देश का प्रमुख एविएशन हब होने के कारण यहां से देश-विदेश के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट भी मिलती हैं।

ऐसे में सुबह की उड़ानों में कटौती का असर उन यात्रियों पर सबसे अधिक पड़ेगा, जिन्हें एक ही दिन में अपना काम निपटाकर लौटना होता है या आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी होती है।

विवेक तन्खा ने जताई नाराजगी

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डुमना एयरपोर्ट से लगातार उड़ानों में कटौती की जा रही है, जबकि जबलपुर महाकौशल का सबसे बड़ा शहर है और पूर्वी मध्य प्रदेश के लाखों लोगों की हवाई यात्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र भी है।

उन्होंने कहा कि जबलपुर से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, न्यायिक कार्यों और प्रशासनिक कारणों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और अन्य महानगरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में उड़ानों की संख्या घटाना क्षेत्र के विकास के विपरीत कदम है।

पहले भी कम हो चुकी हैं कई उड़ानें

दिल्ली रूट से पहले नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित उड़ानों में भी कटौती की जा चुकी है। लगातार घटती एयर कनेक्टिविटी को लेकर उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और नियमित हवाई यात्रियों ने भी चिंता जताई है।

लोगों का कहना है कि जबलपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में उड़ानों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, लेकिन इसके उलट लगातार सेवाएं कम की जा रही हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग

विवेक तन्खा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से जबलपुर की हवाई सेवाओं की समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए उड़ानों में कटौती के बजाय नई उड़ानें शुरू की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को बेहतर हवाई सुविधा मिल सके।

मुख्य बातें

  • 1 जुलाई 2026 से इंडिगो का नया फ्लाइट शेड्यूल लागू होगा।
  • दिल्ली के लिए सप्ताह में तीन उड़ानें कम हो जाएंगी।
  • सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह की उड़ान उपलब्ध नहीं होगी।
  • कुल उड़ानें 14 से घटकर 11 रह जाएंगी।
  • राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे जबलपुर और पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ अन्याय बताया।
  • इससे पहले नवी मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानों में भी कटौती की जा चुकी है।

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