
Last updated: August 20th, 2026 at 01:06 pm
लगातार बारिश और बरगी बांध से नर्मदा नदी में छोड़े जा रहे पानी के चलते जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट स्थित धुआंधार जलप्रपात में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कुछ समय पहले तक जहां नदी की चट्टानें और आसपास का बड़ा हिस्सा साफ नजर आ रहा था, वहीं अब पूरा क्षेत्र पानी से लबालब दिखाई दे रहा है।
बढ़े जलस्तर के साथ धुआंधार जलप्रपात का स्वरूप भी बेहद आकर्षक हो गया है। तेज बहाव के चलते जलप्रपात का नजारा देखने के लिए पर्यटकों की रुचि बढ़ी है।
जानकारी के मुताबिक बरगी बांध के नौ गेट खोलकर नर्मदा नदी में करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के निचले हिस्सों में जलस्तर करीब चार फीट तक बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे और धुआंधार क्षेत्र के वे हिस्से भी पानी में डूब गए हैं, जो कुछ समय पहले तक सूखे दिखाई दे रहे थे।
धुआंधार में बढ़ा पानी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया है। तेज बहाव के कारण नदी और जलप्रपात के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और प्रतिबंधित या संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।
मानसून के दौरान धुआंधार जलप्रपात का बदला हुआ स्वरूप हर साल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बारिश के बाद नर्मदा का प्रवाह बढ़ने से जलप्रपात पहले की तुलना में अधिक भव्य दिखाई देता है।
हालांकि, इस बार बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के बेहद करीब जाने या पानी के तेज बहाव वाले हिस्सों में उतरने से बचना जरूरी है।
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