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जबलपुर के कछपुरा मालगोदाम में प्रदूषण पर NGT सख्त, रेलवे और प्रदूषण बोर्ड से मांगा जवाब

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जबलपुर। शहर के कछपुरा रेलवे मालगोदाम से फैल रहे धूल प्रदूषण का मामला एक बार फिर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)
जबलपुर कछपुरा मालगोदाम प्रदूषण पर NGT सख्त, रेलवे से जवाब तलब

जबलपुर। शहर के कछपुरा रेलवे मालगोदाम से फैल रहे धूल प्रदूषण का मामला एक बार फिर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) पहुंच गया है। सीमेंट, कोयला, खाद और आयरन ओर जैसी सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग से होने वाले प्रदूषण को लेकर अधिकरण ने रेलवे और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। NGT की भोपाल स्थित केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने 30 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान शेष प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है।

खाद्यान्न की अनुमति, दूसरी सामग्री की लोडिंग पर सवाल

इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि कछपुरा रेलवे मालगोदाम में खाद्यान्न की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन यहां सीमेंट, कोयला, खाद और आयरन ओर जैसी अन्य सामग्री का भी कारोबार और परिवहन किया जा रहा है।

आरोप है कि इन सामग्रियों की लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे आसपास की रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

करीब 50 हजार लोगों के प्रभावित होने का दावा

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मालगोदाम के आसपास घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं। यहां से उड़ने वाली धूल का असर आसपास की कॉलोनियों, स्कूल और गुलौआ तालाब के क्षेत्र पर पड़ रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने करीब 50 हजार लोगों के प्रदूषण से प्रभावित होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि पहले भी प्रदूषण नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका प्रभावी पालन नहीं कराया गया।

2025 में भी NGT दे चुका है निर्देश

कछपुरा मालगोदाम में प्रदूषण का मामला पहले भी NGT के सामने पहुंच चुका है। 7 अप्रैल 2025 को अधिकरण ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मालगोदाम के आसपास समय-समय पर वायु गुणवत्ता की निगरानी करने के निर्देश दिए थे।

रेलवे को भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया था। इनमें सामग्री को ढककर रखना, पानी का छिड़काव, पक्की सड़कें, विंड बैरियर और ग्रीन बेल्ट विकसित करने जैसे उपाय शामिल हैं।

30 अक्टूबर के आदेश में क्या कहा गया?

मामले में दाखिल निष्पादन आवेदन पर 30 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान NGT ने शेष प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

यह मामला निष्पादन आवेदन संख्या 08/2026 (CZ) से संबंधित है, जो मूल आवेदन संख्या 39/2025 (CZ) के अंतर्गत चल रहा है।

अधिकरण ने फिलहाल मालगोदाम बंद करने का आदेश नहीं दिया है। अब संबंधित विभागों के जवाब और प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी अगली सुनवाई में महत्वपूर्ण होगी।

8 जनवरी 2027 को अगली सुनवाई

कछपुरा मालगोदाम से जुड़े प्रदूषण के मामले में अब रेलवे और संबंधित विभागों के जवाब पर नजर रहेगी। अगली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि पहले दिए गए निर्देशों के पालन के लिए क्या कदम उठाए गए और वर्तमान में प्रदूषण नियंत्रण की स्थिति क्या है।

स्थानीय लोगों और याचिकाकर्ताओं की नजर भी NGT की अगली सुनवाई पर है।

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