
Last updated: September 1st, 2026 at 12:50 pm
खमरिया थाना क्षेत्र में मारपीट की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे एक आरक्षक के साथ भीड़ द्वारा कथित झूमाझटकी और मारपीट का मामला सामने आया है। आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे के मुताबिक, मौके पर करीब 25 से 30 लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उनकी वर्दी फट गई और नेम प्लेट भी टूट गई। घटना के बाद आरक्षक ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दूसरे थाने में ट्रांसफर की मांग की है।
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि घटना के बाद आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे को ही लाइन अटैच कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्रभावित न हो, इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, डायल-112 पर मारपीट की सूचना मिलने के बाद आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे मौके पर पहुंचे थे। आरक्षक के अनुसार, वहां मौजूद लोगों की संख्या काफी अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 25 से 30 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ झूमाझटकी की।
इस दौरान उनकी वर्दी फट गई और नेम प्लेट टूट गई। घटना के बाद आरक्षक ने अपनी सुरक्षा को लेकर अधिकारियों के सामने चिंता जताई। अगले दिन उन्होंने मीडिया के सामने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पूरा विवाद रक्षाबंधन के दिन हुए एक घटनाक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। नारायण धाम निवासी एक युवक अपने भाई और दोस्तों के साथ कार से लौट रहा था। आरोप है कि सगनहाई के पास कुछ लोगों ने उनकी कार रोककर शेख अनस को बाहर बुलाया।
इसके बाद अनस और उसके साथियों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इस दौरान कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। बाद में घर के सामने खड़ी कार में भी तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है।
घटना में चार युवकों के घायल होने की जानकारी है। पुलिस ने सभी का रांझी अस्पताल में मेडिकल कराया।
मामले में आरक्षक के साथ हुई कथित झूमाझटकी के बाद उन्हें लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई चर्चा में है। आरक्षक का कहना है कि जब वे पुलिस की ओर से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे और वहां उनके साथ भीड़ ने झूमाझटकी की, तो इसके बाद उन्हें ही विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
हालांकि पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरक्षक को लाइन अटैच करने का उद्देश्य जांच को निष्पक्ष रखना है, ताकि मामले की जांच किसी तरह प्रभावित न हो।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ ने पूरे मामले को जांच का विषय बताया है।
घटना के बाद आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों से दूसरे थाने में ट्रांसफर किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि घटनाक्रम के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि आरक्षक के साथ हुई झूमाझटकी और मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। साथ ही आरक्षक को लाइन अटैच किए जाने के कारणों और मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
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