
जबलपुर। सिवनी के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ बाबू सुभाष शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में करीब 5 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने के बाद अब यह आंकड़ा 8 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, संपत्ति की अंतिम राशि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
लोकायुक्त की अलग-अलग टीमें जबलपुर और सिवनी में संपत्तियों, बैंक खातों, जमीन-जायदाद, निवेश और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
लोकायुक्त की प्रारंभिक पड़ताल में सुभाष शर्मा की ज्ञात आय और सामने आई संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर होने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी कथित संपत्ति ज्ञात आय से करीब 543 प्रतिशत अधिक पाई गई है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों रुपये की जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद के लिए रकम कहां से आई और क्या यह आय के वैध स्रोतों से अर्जित की गई थी।
लोकायुक्त टीम ने जबलपुर के आंबेडकर नगर स्थित सुभाष शर्मा के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और महंगे सामान मिलने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि टीम को करीब 500 ग्राम सोना और लगभग सवा किलो चांदी के आभूषण मिले हैं। मकान में चल रहे निर्माण कार्य और उसकी बनावट का भी मूल्यांकन कराया जा रहा है।
जांच के दौरान अधिकारियों की नजर मकान में चल रहे निर्माण कार्य पर भी गई। बताया गया कि पहली मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाने का काम चल रहा था।
लोकायुक्त द्वारा मकान का वैल्युएशन कराया जा रहा है। निर्माण लागत और संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य को जांच में शामिल किए जाने के बाद अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, सुभाष शर्मा ने वर्ष 1989 में सहायक ग्रेड-3 के पद से शासकीय सेवा शुरू की थी। लंबी सरकारी सेवा के दौरान अर्जित वैध आय और वर्तमान संपत्तियों की तुलना लोकायुक्त जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जांच टीम मकान, जमीन, दुकान, प्लॉट और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।
लोकायुक्त की जांच का दायरा पाटन तहसील के ग्राम लोहारी तक भी पहुंच गया है। यहां फार्म हाउस से जुड़ी जमीन और निर्माण कार्य की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि फार्म हाउस परिसर में बारात घर तैयार कराने की योजना पर भी काम शुरू किया गया था। मौके पर निर्माण सामग्री मिलने के बाद लोकायुक्त टीम जमीन, निर्माण लागत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
लोकायुक्त अब सुभाष शर्मा के साथ उनकी पत्नी शीला शर्मा और करीबी रिश्तेदारों के नाम दर्ज संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यदि किसी रिश्तेदार के नाम दर्ज संपत्ति में सुभाष शर्मा की आर्थिक हिस्सेदारी या निवेश सामने आता है, तो उसे भी अनुपातहीन संपत्ति की जांच में शामिल किया जा सकता है।
लोकायुक्त को सुभाष शर्मा और उनकी पत्नी से जुड़े करीब छह बैंक खातों की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इन खातों में पिछले वर्षों के दौरान हुए बड़े लेन-देन, रकम जमा होने और निकासी की जांच की जाएगी।
बैंक रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद में रकम कहां से आई और किन खातों से भुगतान किया गया।
लोकायुक्त की टीमें जमीनों के राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, बैंक लेन-देन, निर्माण लागत और घर में मिले सामान का मूल्यांकन कर रही हैं।
फिलहाल जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार सभी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुभाष शर्मा के पास कुल कितनी अनुपातहीन संपत्ति है। ऐसे में संपत्ति का आंकड़ा आगे और बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
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