
Last updated: June 29th, 2026 at 12:19 pm
जबलपुर जिले में पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं।
पोलियो जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें हर बच्चे तक वैक्सीन पहुंचाना प्राथमिकता है।
अभियान के तहत पूरे जिले में सैकड़ों विशेष पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। ये बूथ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बनाए गए हैं, ताकि किसी भी बच्चे को दवा से वंचित न रहना पड़े।
हर बूथ पर स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता मौजूद हैं, जो बच्चों को सुरक्षित और सही तरीके से पोलियो की खुराक पिला रहे हैं।
अभिभावकों को उनके नजदीकी बूथ की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे आसानी से अपने बच्चों को वहां लेकर पहुंच सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की भी व्यवस्था की है।
ऐसे परिवार जो किसी कारणवश पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें हर मोहल्ले, गली और गांव में जाकर सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी बच्चा इस अभियान से छूट न जाए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि एक भी संक्रमित बच्चा पूरे समुदाय के लिए खतरा बन सकता है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई और सभी टीमों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इसके साथ ही अभियान की मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती भी की गई है, जो समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।
अधिकारियों का कहना है कि पोलियो एक खतरनाक बीमारी है, जो बच्चों को स्थायी रूप से अपंग बना सकती है। हालांकि, समय पर दी गई वैक्सीन से इस बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है।
इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और अपने बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” जरूर दिलवाएं।
पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल बच्चों को सुरक्षित रखना है, बल्कि समाज को पोलियो मुक्त बनाए रखना भी है। भारत को पहले ही पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन इस स्थिति को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण और ऐसे अभियानों का आयोजन जरूरी है।
जबलपुर में चलाया जा रहा यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
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