
Last updated: June 24th, 2026 at 12:00 pm
बहुचर्चित बरगी क्रूज हादसा मामले में गठित जांच आयोग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयोग के कक्ष क्रमांक-43 में पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. इलैया राजा टी और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) दिलीप यादव के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी ने दोनों अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।
हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आयोग की सख्ती के बाद मामले की जांच निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने अधिकारियों से पूछा कि जांच पूरी होने से पहले दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को क्यों नष्ट किया गया।
इसके अलावा आयोग ने यह भी जानना चाहा कि मौसम विभाग की ओर से आंधी-तूफान और येलो अलर्ट जारी होने के बावजूद क्रूज का संचालन क्यों जारी रखा गया।
आयोग ने यह सवाल भी उठाया कि मेकल रिसॉर्ट के अधिकारी द्वारा पहले ही क्रूज की खराब स्थिति की जानकारी दिए जाने के बावजूद समय रहते सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
साथ ही, बिना आवश्यक सुधार किए यात्रियों को क्रूज में सवार कराने के निर्णय पर भी जवाब मांगा गया। बंद इंजन और तकनीकी खामियों को लेकर भी आयोग ने गंभीर सवाल किए।
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि यात्रियों, प्रत्यक्षदर्शियों और मेकल रिसॉर्ट के कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब आयोग जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ कर रहा है।
जस्टिस संजय द्विवेदी ने समय पर लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराने, पर्यटकों का बीमा नहीं होने और खराब मौसम में संचालन जारी रखने जैसे मुद्दों पर भी जवाब तलब किया।
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि मध्य प्रदेश में 15 स्थानों पर वॉटर स्पोर्ट्स और चार स्थानों पर क्रूज संचालन किया जा रहा है। इन सभी स्थानों का जल्द ही फिजिकल इंस्पेक्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटक सुरक्षित माहौल में वॉटर स्पोर्ट्स और क्रूज का आनंद ले सकें।
बरगी क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और पर्यटन व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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