
Last updated: June 18th, 2026 at 12:28 pm
जबलपुर हाई कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई हुई, जिसने राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। यह याचिका भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देने से जुड़ी है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निचली अदालत से जुड़े पूरे रिकॉर्ड को तलब कर लिया है, जिससे मामले की गंभीरता साफ नजर आती है।
इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जो 23 जून को निर्धारित की गई है।
यह मामला एक मानहानि परिवाद से जुड़ा है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने दायर किया है। आरोप के अनुसार, वर्ष 2018 में झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था।
कार्तिकेय का दावा है कि इस बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मामला दायर किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।
जबलपुर हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की ऑर्डर शीट और संबंधित रिकॉर्ड तलब करने का आदेश दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता यानी राहुल गांधी के पक्ष को भी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है।
यह कदम इस बात का संकेत है कि कोर्ट मामले के हर पहलू को गहराई से समझना चाहता है, ताकि आगे की सुनवाई में स्पष्ट निर्णय लिया जा सके।
राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि समन जारी करने की प्रक्रिया और आधार पर सवाल हैं, जिन्हें हाई कोर्ट के सामने रखा गया है।
अब हाई कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि समन जारी करने में कानूनी प्रक्रिया का सही पालन हुआ था या नहीं।
मामले की अगली सुनवाई 23 जून को तय की गई है। इस तारीख को कोर्ट के सामने निचली अदालत का रिकॉर्ड भी मौजूद रहेगा और याचिकाकर्ता पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों पर भी विचार किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगली सुनवाई इस मामले में अहम मोड़ ला सकती है।
यह मामला केवल एक कानूनी विवाद नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी काफी बड़ा है। एक ओर जहां राहुल गांधी देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मामला पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ा हुआ है।
ऐसे में इस केस की हर सुनवाई पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। यह मामला आने वाले समय में और भी चर्चा का विषय बन सकता है।
अब यह देखना अहम होगा कि हाई कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेज और निचली अदालत का रिकॉर्ड इस मामले को किस दिशा में ले जाते हैं। यदि कोर्ट को समन जारी करने में कोई खामी नजर आती है, तो वह उसे निरस्त भी कर सकता है।
वहीं यदि प्रक्रिया सही पाई जाती है, तो मामला आगे बढ़ेगा और राहुल गांधी को निचली अदालत में पेश होना पड़ सकता है।
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