होमट्रेंडिंगबरगी डैम क्रूज़ हादसे पर नया खुलासा: फोर स्ट्रोक इंजन नहीं होने के आरोप से बढ़ा विवाद

बरगी डैम क्रूज़ हादसे पर नया खुलासा: फोर स्ट्रोक इंजन नहीं होने के आरोप से बढ़ा विवाद

-
बरगी डैम में हुए क्रूज़ हादसे को लेकर अब एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक
Screenshot 2026-05-07 115550

बरगी डैम में हुए क्रूज़ हादसे को लेकर अब एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने प्रदर्शन करते हुए दावा किया है कि हादसे का मुख्य कारण क्रूज़ में फोर स्ट्रोक इंजन का न होना और संचालन में गंभीर लापरवाही रही। मंच ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

प्रदर्शन कर उठाई जांच की मांग

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बरगी डैम में संचालित क्रूज़ और नावों में फोर स्ट्रोक इंजन अनिवार्य होने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पर्यावरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए NGT ने फोर स्ट्रोक इंजन को अनिवार्य किया था, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।

दो इंजन में से एक बंद होने का आरोप

मंच के सदस्यों ने दावा किया कि हादसे के समय क्रूज़ के दो इंजनों में से एक इंजन बंद था। उनका आरोप है कि फोर स्ट्रोक इंजन के अभाव और तकनीकी खामियों के चलते क्रूज़ संतुलन खो बैठा और पलट गया।

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले ने नई बहस छेड़ दी है।

क्रूज़ को नष्ट करने पर उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान मंच के सदस्यों ने जांच पूरी होने से पहले क्रूज़ को नष्ट किए जाने या हटाने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले सबूतों से छेड़छाड़ हुई है, तो यह पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

मंच ने मांग की कि हादसे से जुड़े सभी तकनीकी दस्तावेज, परमिट, इंजन संबंधी जानकारी और सुरक्षा मानकों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

NGT में याचिका दायर करने की चेतावनी

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर करेंगे।

मंच के अध्यक्ष डॉ. पी. जी. नाजपाण्डे ने कहा कि यह मामला केवल एक दुर्घटना का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के पालन का है। यदि नियमों की अनदेखी हुई है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा

प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजीव मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को उचित जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षा और जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल

बरगी डैम क्षेत्र पर्यटन और जल परिवहन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने के बाद सुरक्षा मानकों, तकनीकी निरीक्षण और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल परिवहन में तकनीकी मानकों की अनदेखी सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए हर स्तर पर जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

बरगी डैम क्रूज़ हादसे को लेकर सामने आए नए आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। फोर स्ट्रोक इंजन की अनिवार्यता, तकनीकी खामियों और जांच प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

समाचार मुख्य आकर्षण

आपको यह भी पसंद आ सकता है

No Comments