
Last updated: May 28th, 2026 at 11:18 am
जबलपुर के सेंट अलायसियस स्कूल रिमझा में कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हिंदू धर्म सेना ने इस मामले में आक्रोश जताते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि स्कूल की पूर्व कर्मचारी दीपा पटेल पर धर्मांतरण का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी पुलिस अधिकारियों से मिले और पुलिस अधीक्षक के नाम एडीएसपी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में मांग की गई कि:
मामले में म्यूजिक शिक्षक राकेश कुमार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी प्रकार का दबाव बनाया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
राकेश कुमार ने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थानों में ऐसा माहौल होना चाहिए जहां कर्मचारी और छात्र बिना किसी दबाव के काम और पढ़ाई कर सकें।
हिंदू धर्म सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश रजक ने कहा कि संगठन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति पर धार्मिक परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया है तो यह बेहद गंभीर विषय है।
मुकेश रजक ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी इस मुद्दे पर नजर बनाए रखेगा।
फिलहाल इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर भी जांच को लेकर औपचारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों की बात सुनना और तथ्यों के आधार पर जांच करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच जरूरी होती है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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