होमट्रेंडिंगएमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट जाएंगे? जस्टिस शील नागू को भी बड़ी जिम्मेदारी

एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट जाएंगे? जस्टिस शील नागू को भी बड़ी जिम्मेदारी

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और खासतौर पर जबलपुर न्यायिक क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य
MP High Court के CJ Sanjeev Sachdeva Supreme Court जाएंगे

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और खासतौर पर जबलपुर न्यायिक क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Sanjeev Sachdeva और जबलपुर से गहरा संबंध रखने वाले Sheel Nagu का सुप्रीम कोर्ट पहुंचने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई 2026 को हुई बैठक में दोनों वरिष्ठ न्यायाधीशों समेत पांच नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भेजी सिफारिश

कॉलेजियम की ओर से जिन नामों की सिफारिश की गई है, उनमें जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस शील नागू, जस्टिस चंद्रशेखर, जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना शामिल हैं।

यदि केंद्र सरकार इन नामों को मंजूरी देती है, तो देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीशों की संख्या और अनुभव दोनों मजबूत होंगे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या भी बढ़ाई गई है।

जस्टिस संजीव सचदेवा का न्यायिक सफर

Sanjeev Sachdeva मूल रूप से दिल्ली हाईकोर्ट से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। न्यायिक मामलों में उनकी कार्यशैली और कई महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर वे लगातार चर्चा में रहे हैं।

जबलपुर से जुड़ा रहा जस्टिस शील नागू का सफर

Sheel Nagu का जबलपुर से विशेष संबंध रहा है। उन्होंने जबलपुर में वकालत करते हुए अपनी पहचान बनाई और बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने।

इसके बाद उन्हें अन्य हाईकोर्ट में जिम्मेदारियां मिलीं और वर्तमान में वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं।

जबलपुर से जुड़ा रहा जस्टिस शील नागू का सफर
Sheel Nagu

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद बढ़ी चर्चाएं

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद न्यायिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर मध्यप्रदेश और जबलपुर के कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

अगर केंद्र सरकार जल्द मंजूरी देती है, तो दोनों न्यायाधीश देश की सर्वोच्च अदालत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी न्यायिक क्षमता

जानकारों का मानना है कि अनुभवी हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में मदद मिल सकती है।

कॉलेजियम की सिफारिश अब केंद्र सरकार के पास भेज दी गई है, जहां अंतिम मंजूरी के बाद औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी।

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