होमट्रेंडिंगरादुविवि का 36वां दीक्षांत समारोह जून में होने की उम्मीद है, राज्यपाल मंगुभाई पटेल को न्योता भेजा गया

रादुविवि का 36वां दीक्षांत समारोह जून में होने की उम्मीद है, राज्यपाल मंगुभाई पटेल को न्योता भेजा गया

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जबलपुर में मौजूद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) का 36वां दीक्षांत समारोह आने वाले जून महीने में होने वाला है। इसके
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जबलपुर में मौजूद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) का 36वां दीक्षांत समारोह आने वाले जून महीने में होने वाला है। इसके लिए विश्वविद्यालय तेजी से तैयारी कर रहा है। इसी सिलसिले में, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल से मिलकर उन्हें समारोह की अध्यक्षता करने का न्योता दिया।

उन्होंने राज्यपाल को एक चिट्ठी भी दी, जिसमें कार्यक्रम की तारीख तय करने के लिए उनकी मंजूरी मांगी गई है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि दीक्षांत समारोह को शानदार और अच्छे से कराने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं। इस कार्यक्रम में बहुत सारे छात्र, शिक्षक, मेहमान और अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

राज्यपाल और कुलाधिपति को कुलपति ने दिया निमंत्रण

मिली जानकारी के हिसाब से, कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा ने हाल ही में भोपाल जाकर राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल से खुद मिलकर बात की। इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय की तरफ से निमंत्रण पत्र दिया और राज्यपाल से दीक्षांत समारोह में आने की रिक्वेस्ट की।

जब वे मिले, तो विश्वविद्यालय ने राज्यपाल को एक खास शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान भी किया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुलाधिपति की मंजूरी मिलते ही कार्यक्रम की आखिरी तारीख और पूरी जानकारी बता दी जाएगी।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के खास और बड़े शिक्षण संस्थानों में से एक है, और इसका दीक्षांत समारोह हर साल पढ़ाई के लिहाज़ से बहुत अहम माना जाता है।

तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय में हुई समीक्षा बैठक

दीक्षांत समारोह के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा, कुलसचिव डॉक्टर रविशंकर सोनवाल और मुख्य समन्वयक प्रोफेसर एस.एस. संधू ने अलग-अलग कमेटियों के प्रमुखों के साथ एक मीटिंग की, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया।

मीटिंग में इन मुद्दों पर चर्चा हुई:

  • गोल्ड मेडल और डिग्रियां कैसे बांटेंगे
  • स्टेज को कैसे सजाएंगे
  • मेहमानों के बैठने का इंतजाम
  • एक यादगारी किताब छापना
  • आने-जाने के लिए गाड़ियों का इंतजाम
  • न्योते वाले कार्ड बांटना
  • लोगों से जुड़ना और मीडिया से तालमेल बिठाना

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सारी कमेटियों को कहा है कि वे मई 2026 तक अपनी तैयारियां पूरी कर लें, ताकि जैसे ही राज्यपाल की मंजूरी मिले, कार्यक्रम को शानदार तरीके से किया जा सके।

छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए रहेगा खास मौका

दीक्षांत समारोह छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए बहुत खास मौका होता है। इस मौके पर अलग-अलग विभागों के छात्रों को डिग्रियां और होशियार बच्चों को गोल्ड मेडल दिए जाते हैं।

शिक्षा के जानकारों का कहना है कि दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छात्रों की पढ़ाई-लिखाई में एक बड़ी कामयाबी और उनके नए भविष्य की शुरुआत का संकेत भी होता है।

समारोह में ये खास बातें हो सकती हैं:

  • होशियार छात्रों का सम्मान होगा
  • अलग-अलग विषयों में बढ़िया करने वाले छात्रों को मेडल मिलेंगे
  • रिसर्च स्कॉलर्स को पीएचडी की डिग्री दी जाएगी
  • पढ़ाई और रिसर्च में खास योगदान देने वाले कुछ खास मेहमानों को भी बुलाया जा सकता है

प्रशासन / विश्वविद्यालय अधिकारियों का पक्ष

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह को पहले से ज़्यादा अच्छे से और दिलचस्प बनाने की कोशिश हो रही है। कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा ने मीटिंग में कहा कि कार्यक्रम की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए और सभी विभागों को अपना काम समय पर खत्म करना होगा।

मीटिंग में ये लोग मौजूद रहे:

  • प्रोफेसर राकेश बाजपेयी
  • प्रोफेसर सुरेन्द्र सिंह
  • परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एस.के. दुबे
  • प्रोफेसर जे.के. मैत्रा
  • सहायक कुलसचिव पवन साहू
  • डॉक्टर हरेकृष्ण पाण्डेय
  • ओमप्रकाश यादव

और भी कई अधिकारी वहां मौजूद थे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इशारा दिया है कि समारोह के बारे में पूरी जानकारी और ऑफिशियल कार्यक्रम जल्द ही बताया जाएगा।

स्थानीय लोग / विशेषज्ञ / प्रभाव

जबलपुर में होने वाले इस दीक्षांत समारोह को पढ़ाई और समाज, दोनों के हिसाब से खास माना जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोग कहते हैं कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को हिम्मत देते हैं और विश्वविद्यालय की शैक्षिक पहचान को भी बढ़ाते हैं।

जानकारों का मानना है कि:

  • दीक्षांत समारोह से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है
  • विश्वविद्यालय की कामयाबियों को पूरे देश में पहचान मिलती है
  • रिसर्च और नई सोच को बढ़ावा मिलता है
  • छात्रों और शिक्षकों के बीच एक अच्छा माहौल बनता है

वहीं, छात्रों में भी इस समारोह को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। बहुत सारे छात्र लंबे समय से अपनी डिग्री लेने और दीक्षांत समारोह में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं।

निष्कर्ष

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह अब अपनी तैयारियों के आखिरी पड़ाव पर है। राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल को न्योता दिए जाने के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे शानदार और व्यवस्थित तरीके से कराने में जुटा हुआ है।

अब सभी की नज़र राज्यपाल की मंजूरी और कार्यक्रम की ऑफिशियल तारीख पर टिकी है। माना जा रहा है कि यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के छात्रों, रिसर्च स्कॉलर्स और पूरे शिक्षा जगत के लिए एक खास मौका होगा।

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