
पुणे में हुए चर्चित Porsche कार हादसे को दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस दुर्घटना में जान गंवाने वाली अश्विनी कोष्टा के परिवार का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है। अश्विनी के पिता सुरेश कोष्टा ने अपनी बेटी को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि “समय बीत गया, लेकिन बेटी की कमी हर दिन महसूस होती है।”
यह मामला देशभर में चर्चा में रहा था, जहां तेज रफ्तार लग्जरी कार की टक्कर में दो युवाओं की मौत हो गई थी। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा, नाबालिग ड्राइविंग और वीआईपी प्रभाव को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा किया था।
अश्विनी कोष्टा के पिता सुरेश कोष्टा ने भावुक होकर कहा कि परिवार आज भी उस दर्दनाक हादसे को भूल नहीं पाया है। उन्होंने कहा कि बेटी के सपने अधूरे रह गए और घर की खुशियां अचानक खत्म हो गईं।
परिवार के मुताबिक अश्विनी पढ़ाई और अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर थी। हादसे के बाद परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
Pune Porsche Case उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था, क्योंकि हादसे में शामिल आरोपी नाबालिग बताए गए थे। मामले में शुरुआती कार्रवाई और जमानत प्रक्रिया को लेकर भी काफी विवाद हुआ था।
सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। कई संगठनों और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा कानूनों को और सख्त बनाने की जरूरत बताई थी।
सुरेश कोष्टा ने कहा कि परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और तेज रफ्तार से बचें।
इस मामले के दो साल बाद भी सड़क सुरक्षा को लेकर बहस जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और नाबालिग ड्राइविंग देश में सड़क हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
अश्विनी कोष्टा को याद करते हुए सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी। लोगों का कहना है कि यह मामला आज भी लोगों को सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की सीख देता है।
दो साल बाद भी यह हादसा लोगों की यादों में बना हुआ है और परिवार के लिए यह दर्द आज भी उतना ही गहरा है।
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